मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मोदी सरकार में वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिले विशेष इनपुट के बाद शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा अचानक बढ़ा दी गई है।

दिल्ली से भोपाल तक हाई अलर्ट
सूत्रों के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान के दिल्ली स्थित सरकारी आवास और भोपाल स्थित ‘मामा का घर’ (74 बंगले) पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ ही आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के इनपुट के बाद यह फैसला लिया गया है, लेकिन सियासी पंडित इसे उनके बढ़ते कद से जोड़कर देख रहे हैं।
क्या राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले हैं शिवराज?
इस सुरक्षा बढ़ोतरी को बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन से सीधे तौर पर जोड़ा जा रहा है। जेपी नड्डा के बाद पार्टी की कमान किसके हाथ में होगी, इसको लेकर मंथन अंतिम दौर में है। शिवराज सिंह चौहान का नाम इस रेस में सबसे ऊपर चल रहा है।
- वजह: शिवराज सिंह चौहान का लंबा अनुभव, 4 बार के सीएम रहने का रिकॉर्ड, ओबीसी (OBC) चेहरा होना और ‘लाड़ली बहना’ जैसी योजनाओं के जरिए महिला वोट बैंक पर पकड़ उन्हें इस पद का प्रबल दावेदार बनाती है।
अध्यक्ष पद की दौड़ में ये चेहरे भी शामिल
हालांकि, ‘मामा’ की राह इतनी भी आसान नहीं है। बीजेपी अध्यक्ष पद की दौड़ में कई और दिग्गज भी शामिल हैं, जिनका पलड़ा भारी बताया जा रहा है:
- देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और कुशल रणनीतिकार। संघ (RSS) के बेहद करीबी माने जाते हैं।
- विनोद तावड़े: बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव। बिहार जैसे राज्यों में प्रभारी के तौर पर सफल रहे हैं और संगठन पर अच्छी पकड़ रखते हैं।
- धर्मेंद्र प्रधान: केंद्रीय मंत्री और ओडिशा में बीजेपी की जीत के शिल्पकार। वे भी एक मजबूत ओबीसी चेहरा हैं।
- सुनील बंसल: यूपी में बीजेपी की जीत के पीछे की रणनीति बनाने वाले बंसल संगठन के माहिर खिलाड़ी हैं।
शिवराज सिंह चौहान को मिली यह ‘एक्स्ट्रा सिक्योरिटी’ महज संयोग है या उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने का संकेत, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन इतना तय है कि दिल्ली के पावर कॉरिडोर में शिवराज का कद लगातार बढ़ रहा है।









