मांस की अवैध दुकान संचालित होने की सूचना पर पुलिस ने ली दुकानों की तलाशी ।

वार्ड.7 में पहुंची पुलिस, मांस की अवैध दुकान संचालित होने की सूचना पर ली दुकानों की तलाशी ।

कोतवाली e1703773279235

मांस की अवैध दुकानों पर वार्ड 4 और 7 में पुलिस की सर्चिंग । 

 मांस की अवैध दुकान संचालित होने की सूचना पर झाबुआ पुलिस ने वार्ड 7 में कार्रवाई करने पहुंची ।  झाबुआ शहर मे पिछले कई सालों से वार्ड नं. 7 में मांस का मटन व्यवसाय हो रहा है । यहां दर्जनों दुकानें संचालित होती है । ले्किन लाइसेंसी कोई नहीं है । यूं तो खुले में बिना लाइसेंस के मांस बेचने पर 2016 से ही रोक लगी हुई है । और कई तरह के कानून है । लेकिन प्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नए सीएम बनके बाद दिए निर्देशों के चलते अब इसमें तेजी देखी जा रही है ।

झाबुआ शहर में अब भी वार्ड नं. 7 और वार्ड नं. 4 में बिना लाइसेंसी खुले में मांस की दुकानें लगा रहे हैं । सबसे ज्यादा दुकानेंं यहीं संचालित होती है । गुरूवार को शाम को झाबुआ कोतवाली थाना प्रभारी टीएस डावर अचानक वार्ड 7 में मांस की दुकानें संचालित होने की सूचना पर दल-बल के साथ पहुंचे ।

यहां पुलिस ने घर और दुकान की तलाशी ली । सीएम के निर्देश के बाद झाबुआ में भी अधिकारियों पर खुले में बिना लाइसेंस के मांस विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश हैं । जिसके बाद झाबुआ कोतवाली पुलिस वार्ड में पहुंची ।

आसपास पसरी गंदगी और अवैध मांस विक्रय को लेकर रहवासियों ने कई बार शिकायत आवेदन दिए लेकिन जिस पर कोई सुनवाई नहीं हुई । कई बार रहवासी जनसुनवाई में भी आवेदन दे चुके हैं । पुलिस जब वार्ड में पहुंची तो लगातार शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं करने को लेकर रहवासी से बहस भी हो गई ।

वीडियो खबर देखने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करें । और अधिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए WWW.jhabuapost.com । लोकल भी ग्लोबल भी ।

मांस की अवैध दुकान संचालित होने की सूचना पर पुलिस ने ली दुकानों की तलाशी ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports