झाबुआ, 20 फरवरी 2026: मध्यप्रदेश शासन के “समृद्ध किसान, समृद्ध मध्यप्रदेश” के विजन को साकार करने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से झाबुआ में एक भव्य ‘जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला’ का आयोजन किया जा रहा है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत यह मेला 21 और 22 फरवरी 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, झाबुआ के प्रक्षेत्र परिसर में आयोजित होगा।
इस मेले का मुख्य उद्देश्य जिले के किसानों को खेती की उन्नत तकनीकों, प्राकृतिक खेती, खाद्य प्रसंस्करण और उपज के सही विपणन (मार्केटिंग) से जोड़ना है।

इनकी रहेगी प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के मुख्य आतिथ्य में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान करेंगी। यह आयोजन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की आत्मा योजना, तिलहन मिशन और उद्यानिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
मेले के मुख्य आकर्षण और किसानों के लिए फायदे:
इस दो दिवसीय विज्ञान मेले में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रदर्शन और मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई है:
- प्राकृतिक और जैविक खेती: रसायनों से मुक्त खेती और जैविक उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा देना।
- उन्नत कृषि यंत्र: कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में नई मशीनों और सूक्ष्म सिंचाई यंत्रों (ड्रिप और स्प्रिंकलर) का सजीव प्रदर्शन।
- खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing): उद्यानिकी फसलों से जुड़े खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की आधुनिक मशीनों की जानकारी।
- ई-विकास प्रणाली: ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण की पारदर्शी व्यवस्था का प्रचार।
- पराली प्रबंधन: नरवाई (पराली) को जलाने से रोकने और उसके सही प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीके।
- पुष्प और जीवंत प्रदर्शनी: सरकारी विभागों और निजी संस्थाओं द्वारा लगाई गई ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां।
एक महीने तक चला जागरूकता अभियान
गौरतलब है कि वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 11 जनवरी 2026 से एक महीने तक पूरे जिले के हर विकासखंड में ‘कृषि रथ’ घुमाया गया था। इसके जरिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कीट प्रबंधन, फसल विविधीकरण और जैविक खेती के प्रति किसानों को जागरूक किया गया था।
प्रशासन की किसानों से अपील
जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कृषि विज्ञान मेले में पहुंचकर उन्नत तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव लें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।





