झाबुआ (Jhabua Post)। अगर आप झाबुआ जिले में रहते हैं और आपने अपना मकान या दुकान किराए पर दिया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सीमावर्ती जिले में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS), 2023 की धारा 163 के तहत जिले भर में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। अब किसी भी बाहरी व्यक्ति, किराएदार या घरेलू कामगार को रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन और थाने में सूचना देना अनिवार्य हो गया है।

यह आदेश क्यों जरूरी है?
इस नए नियम को लागू करने के पीछे प्रशासन के कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जो सीधे तौर पर आम जनजीवन की सुरक्षा से जुड़े हैं:
- सीमावर्ती भौगोलिक स्थिति: झाबुआ जिले की सीमाएं गुजरात और राजस्थान से सटी हुई हैं। इस कारण यहां बाहरी व्यक्तियों और अजनबियों का आवागमन लगातार बना रहता है।
- असामाजिक तत्वों पर लगाम: अक्सर देखा गया है कि अपराधी या असामाजिक तत्व किराए के मकानों, होटलों या धर्मशालाओं में छिपकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं।
- पुलिस जांच में सहूलियत: बाहरी लोगों का रिकॉर्ड न होने पर किसी भी अप्रिय घटना के बाद पुलिस को जांच में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- जनसुरक्षा में वृद्धि: मकान मालिकों द्वारा बिना पुलिस को बताए किराएदार रखने की बढ़ती घटनाओं से जिले की लोकशांति और सुरक्षा पर संभावित खतरा उत्पन्न हो रहा था, जिसे रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है।
आदेश की मुख्य बातें: किन पर लागू होंगे नियम?
प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित वर्गों को इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा:
- मकान और दुकान मालिक: किराएदार रखने से पहले संबंधित थाने में निर्धारित प्रारूप में सूचना देना अनिवार्य है। साथ ही किराएदार का आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे पहचान-पत्र की प्रति सुरक्षित रखनी होगी।
- घरेलू कामगार और कर्मचारी: घरों में काम करने वाले नौकरों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को नौकरी पर रखने से पहले भी उनकी जानकारी पुलिस को देनी होगी।
- होटल, लॉज एवं धर्मशालाएं: यहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति से अनिवार्य रूप से पहचान-पत्र लेना होगा। साथ ही, हर महीने ठहरने वाले यात्रियों की पूरी सूची संबंधित पुलिस थाने को भेजनी होगी।
- डिलीवरी और कूरियर कंपनियां: ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी या कूरियर सेवा देने वाली कंपनियों को घर-घर जाने वाले अपने सभी कर्मचारियों की जानकारी और उनके पहचान-पत्र की कॉपी थाने में जमा करानी होगी।
- प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियां: जिले में काम कर रही निजी सुरक्षा एजेंसियों को भी अपने गार्ड्स की पूरी जानकारी निर्धारित प्रारूप में पुलिस को उपलब्ध करानी होगी।
नियम तोड़ा तो क्या होगी कार्रवाई?
यह आदेश जनहित को ध्यान में रखते हुए 04 जून 2026 से 04 अगस्त 2026 तक प्रभावशील कर दिया गया है। व्यक्तिगत रूप से हर नागरिक को सूचना देना संभव नहीं था, इसलिए इसे एकपक्षीय रूप से लागू किया गया है।
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