Petlawad Murder Case: झाबुआ जिले के पेटलावद में हुए बहुचर्चित हरिराम गेहलोत हत्याकांड का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। इस अंधे कत्ल की मुख्य वजह ‘प्रेम प्रसंग और अवैध संबंध का शक’ निकली है। पेटलावद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस निर्मम हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों (जिनमें एक नाबालिग है) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया बोलेरो वाहन, हथियार और खून से सने कपड़े भी जब्त कर लिए हैं।
Petlawad Murder Case: क्या था पूरा मामला?
2 अगस्त 2026 की रात को पेटलावद की अटल बस्ती में रहने वाली फरियादिया भुलीबाई (42 वर्ष) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसके परिचित हरिराम गेहलोत (निवासी ग्राम धुलेट, जिला धार) के साथ देवा सिंगाड (निवासी राजगढ़, धार), उसके जमाई और साथियों ने घर में घुसकर गाली-गलौज की और इतनी बेदर्दी से मारपीट की कि हरिराम की मौत हो गई।
इस वारदात की गंभीरता तब और बढ़ गई जब आरोपियों ने इस खौफनाक मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस वीडियो को फैलाने का मकसद पेटलावद, राजगढ़ और धुलेट क्षेत्र में अपना खौफ और दहशत कायम करना था।

10-12 साल पुराने संबंध और शक में गई जान
पुलिस की गहन विवेचना में इस कत्ल की इनसाइड स्टोरी (Inside Story) सामने आई है। जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी देवा सिंगाड के फरियादिया भुलीबाई के साथ पिछले 10–12 सालों से संबंध थे। देवा ने ही उसे पेटलावद में मकान किराये पर दिलाकर रखा था और उसका खर्च उठाता था।
घटना वाली रात देवा को यह शक हुआ कि भुलीबाई के संबंध हरिराम गेहलोत से भी हैं। इसी शक को पुख्ता करने वह भुलीबाई के घर पहुंचा, जहां उसने हरिराम को देख लिया। इसके बाद आगबबूला हुए देवा और उसके साथियों ने हरिराम को मौत के घाट उतार दिया।
खौफ की इंतहा: वारदात के बाद आरोपी देवा और उसके साथी मृतक हरिराम के गांव धुलेट भी गए। वहां उन्होंने मृतक के परिजनों को डराया-धमकाया और हत्या का वायरल वीडियो दिखाते हुए खुलेआम अपनी दहशत कायम करने की कोशिश की।
2 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी देवा है आदतन अपराधी
झाबुआ एसपी श्री देवेन्द्र पाटीदार ने खुद घटनास्थल का मुआयना कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। तकनीकी साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है:
- अर्जुन उर्फ राजू भूरिया (निवासी छोटा माछलिया)
- एक विधि-विरुद्ध बालक (नाबालिग)
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी देवा उर्फ देवीलाल सिंगाड एक बेहद शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ राजगढ़ (धार) थाने में पहले से ही हत्या के प्रयास और लूट जैसे 13 गंभीर अपराध दर्ज हैं।
इस पूरी सनसनीखेज वारदात को सुलझाने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया और एसडीओपी सुश्री अनुरक्ति साबनानी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक गोवर्धन मकवाना, राजाराम भगोरा सहित पूरी पुलिस टीम (आरक्षक राजेन्द्र, घनश्याम, पवन आदि) की भूमिका बेहद सराहनीय रही।
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