Hybrid Vegetable Farming Jhabua: रामा के किसान ने गेहूं छोड़ उगाई भिंडी, अब मिल रहा गेहूं से ज्यादा फायदा

Hybrid Vegetable Farming Jhabua : खेती में अगर थोड़ी सी समझदारी और सरकारी योजनाओं का सही तालमेल बैठ जाए, तो एक आम किसान भी मुनाफे का नया रिकॉर्ड बना सकता है। Hybrid Vegetable Farming Jhabua (संकर सब्जी उत्पादन योजना) ने रामा ब्लॉक के ग्राम आम्बा के रहने वाले किसान प्रेमसिंह मनगी बारिया की जिंदगी में…

Hybrid Vegetable Farming Jhabua: झाबुआ के के किसान ने संकर सब्जी भिंडी उगाकर

Hybrid Vegetable Farming Jhabua : खेती में अगर थोड़ी सी समझदारी और सरकारी योजनाओं का सही तालमेल बैठ जाए, तो एक आम किसान भी मुनाफे का नया रिकॉर्ड बना सकता है। Hybrid Vegetable Farming Jhabua (संकर सब्जी उत्पादन योजना) ने रामा ब्लॉक के ग्राम आम्बा के रहने वाले किसान प्रेमसिंह मनगी बारिया की जिंदगी में कुछ ऐसा ही कमाल किया है। कभी पारंपरिक गेहूं की खेती से मामूली कमाई करने वाले प्रेमसिंह ने जब उन्नत तकनीक अपनाकर अपने खेत में संकर भिंडी उगाई, तो उनकी आय में सीधे कई गुना का उछाल आ गया और आज वे आत्मनिर्भर बनकर दूसरे किसानों को राह दिखा रहे हैं।

Hybrid Vegetable Farming Jhabua: 6 हजार के सरकारी अनुदान ने दिखाई नई राह

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा चलाई जा रही ‘मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर’ (MIDH) योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत श्री प्रेमसिंह बारिया को 0.25 हेक्टेयर (करीब एक बीघा से थोड़ा ज्यादा) खेत में Hybrid Vegetable Farming Jhabua के तहत उन्नत सब्जी उगाने के लिए 6,000 रुपये का सरकारी अनुदान (Subsidy) दिया गया। इसी मदद और विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने पारंपरिक खेती के तरीके में बदलाव करने की ठानी।

Hybrid Vegetable Farming Jhabua: झाबुआ के के किसान ने संकर सब्जी भिंडी उगाकर

Hybrid Vegetable Farming Jhabua: गेहूं और भिंडी की कमाई का पूरा गणित समझिए

प्रेमसिंह पहले इसी जमीन पर गेहूं बोते थे, लेकिन उसमें खास मुनाफा नहीं होता था। आइए देखते हैं कि कैसे संकर बीजों ने उनके मुनाफे का पूरा गणित बदल दिया:

  • पहले क्या था (गेहूं का गणित): गेहूं की खेती में 7,000 रुपये की लागत आती थी और पैदावार सिर्फ 10 क्विंटल होती थी। फसल कुल 23,000 रुपये में बिकती थी, जिससे शुद्ध मुनाफा (Net Profit) मात्र 16,000 रुपये ही बचता था।
  • अब क्या हुआ (भिंडी का गणित): Hybrid Vegetable Farming Jhabua के तहत जब उन्होंने संकर भिंडी उगाई, तो 25 क्विंटल का बंपर उत्पादन हुआ। इसमें कुल लागत 16,000 रुपये आई, जबकि बाजार में फसल सीधे 75,000 रुपये में बिकी।
  • सीधा फायदा: 75 हजार की कुल कमाई में से 16 हजार का खर्च निकालकर प्रेमसिंह को सीधे 59,000 रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ, जो गेहूं की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा है।

Hybrid Vegetable Farming Jhabua: किसानों से की अपील, सरकार का जताया आभार

अपनी इस शानदार कामयाबी से उत्साहित श्री प्रेमसिंह बारिया अब इलाके के दूसरे किसानों के लिए भी एक रोल मॉडल (Roll Model) बन गए हैं। उनका कहना है कि Hybrid Vegetable Farming Jhabua और आधुनिक तकनीक ने उनकी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह से सुधार दिया है।

उन्होंने अपने आस-पास के किसानों से भी खुले दिल से अपील की है कि वे सिर्फ पुरानी और पारंपरिक खेती के भरोसे न बैठें, बल्कि उद्यानिकी फसलों (Horticulture Crops) को अपनाकर शासन की इन बेहतरीन योजनाओं का पूरा फायदा उठाएं। अपनी जिंदगी में आए इस बड़े और खुशहाल बदलाव के लिए उन्होंने मध्य प्रदेश शासन का दिल से आभार जताया है।

बाकी तो जो है सो है ही।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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