झाबुआ | 11 मार्च 2026
झाबुआ जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब जिले के विभिन्न उप-स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, तो 15 केंद्रों पर कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। इस बड़ी लापरवाही पर विभाग ने सख्त एक्शन लिया है।
निरीक्षण में खुली पोल
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. बी.एस. बघेल के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा किया। टीम जब ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों’ (उप स्वास्थ्य केंद्रों) पर पहुँची, तो वहां तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) और एएनएम (ANM) गायब थे।

इन गांवों के केंद्रों पर नहीं मिले कर्मचारी:
निरीक्षण के दौरान तांदलादरा, अगराल, गडवाड़ा, भंवरपिपलिया, खजूरखो, झिरी, आमलीपाड़ा, तारखेड़ी, रामनगर, झावलिया, कुड़वास, नल्दी छोटी, भोयरा, डिग्गी और मोहनपुरा भूरका के केंद्रों पर सन्नाटा पसरा मिला।

होगी वेतन कटौती, नोटिस जारी
इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डॉ. बघेल ने तुरंत सख्त निर्देश जारी किए हैं:
- ड्यूटी से गायब मिले सभी कर्मचारियों का 7 दिन का वेतन काटा जाएगा।
- सभी को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया गया है।
- स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
झाबुआ सीएमएचओ की ताजा कार्रवाई ने ये तो साफ कर दिया है ग्रामीण इलाकों में हालात कैसे हैं । कागजों पर भले ही गांवों में स्वास्थ्य केन्द्र चल रहे हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है । मौजूद कर्मचारी डॉक्टर समय पर पहुंचते नहीं है । कई जगहों पर हालत ये है कि तीन डॉक्टर पदस्थ है लेकिन जरूरत पड़ने पर एक डॉक्टर भी उलब्ध नहीं हो पाता ।
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