“आज के विद्यार्थी ही कल का भविष्य हैं, और जब भविष्य अपनी संस्कृति बचाने के लिए खड़ा हो, तो बदलाव निश्चित है।”
झाबुआ (Jhabua News): जिले के सजेली क्षेत्र में हाल ही में हुई सैकड़ों गौवंश की हत्या की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस अमानवीय कृत्य के विरोध में अब युवा पीढ़ी भी आगे आई है। मंगलवार को केशव इंटरनेशनल स्कूल (Keshav International School) के कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने इस घटना के विरोध में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

हाथों में तख्तियां, जुबां पर न्याय की मांग
विद्यालय परिसर में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों का अनुशासन और रोष दोनों देखने को मिला। विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर गौहत्या बंद करने और गौवंश को बचाने के संदेश लिखे थे।

प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने नारेबाजी करते हुए समाज को यह संदेश दिया कि अब चुप रहने का समय नहीं है। उन्होंने एक स्वर में मांग की कि सजेली की घटना के दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए।

“गौवंश केवल पशु नहीं, हमारी संस्कृति का आधार है”
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती शालू जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गाय के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, “गाय केवल एक पशु नहीं है, बल्कि वह भारतीय संस्कृति, हमारी कृषि व्यवस्था और पर्यावरण संतुलन का एक महत्वपूर्ण आधार है। गौवंश का संरक्षण करना किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी
विद्यार्थियों द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए विद्यालय के संचालक श्री ओम शर्मा ने इसे समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया।
श्री शर्मा ने कहा:
“आज के विद्यार्थी ही आने वाले कल का भविष्य हैं। गौवंश संरक्षण को केवल कानून या राजनीति का विषय नहीं माना जाना चाहिए, यह हमारी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। बच्चों द्वारा किया गया यह शांतिपूर्ण विरोध बताता है कि हमारी नई पीढ़ी अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक है।”
छात्रों ने लिया संकल्प
प्रदर्शन के अंत में कक्षा 11वीं के सभी विद्यार्थियों ने एक सामूहिक संकल्प लिया। उन्होंने प्रण लिया कि वे न केवल गौहत्या के विरोध में एकजुट रहेंगे, बल्कि अपने स्तर पर समाज में गौ-संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता (Public Awareness) फैलाने का कार्य भी करेंगे। कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा।






