झाबुआ जिले के युवा तनीष्क भूरिया ने राष्ट्रीय स्तर पर झाबुआ का नाम रोशन किया है। तनीष्क का चयन देश के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म शिक्षण संस्थान फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे में हुआ है। उन्होंने साउंड इंजीनियरिंग और साउंड डिज़ाइन कोर्स में जगह बनाई है। इस कोर्स में पूरे देश से बहुत सीमित सीटें होती हैं, इसलिए यह उपलब्धि झाबुआ के लिए गौरव का विषय है।
तनीष्क ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से फिल्म स्टडीज़ में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। पढ़ाई के दौरान उन्होंने ‘गल देव’ नामक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई थी, जो भील आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं पर आधारित है। यह फिल्म कई राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में दिखाई गई और उसे पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया।


अपनी सफलता का श्रेय तनीष्क ने अपने माता-पिता श्री रमेश भूरिया और श्रीमती अंजू भूरिया, तथा झाबुआ के ‘लोक रंग’ संस्थान के कला निर्देशक आशीष पांडे को दिया है। तनीष्क का कहना है कि वे आगे चलकर झाबुआ और आसपास की आदिवासी सांस्कृतिक पहचान को फिल्मों के ज़रिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना चाहते हैं।
झाबुआ के कला और फिल्म प्रेमी युवाओं में तनीष्क की इस उपलब्धि से उत्साह का माहौल है।






