Jhabua Post

Local भी,Global भी !

केन्द्रीय कैबिनेट की मंजूरी : 3,839 करोड़ से बनेगा बदनावर-टिमरवानी 4-लेन हाईवे, 2028 सिंहस्थ से पहले होगा पूरा

img 20260310 wa00474771038999768028746

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि सरकार ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को उज्जैन से सीधे जोड़ने के लिए ‘बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी’ 4-लेन सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस 80.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के निर्माण पर 3,839 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

img 20260310 wa00474771038999768028746

परियोजना की मुख्य बातें:

  • दूरी और लागत: 80.5 किमी लंबी इस 4-लेन सड़क के निर्माण में 3,839 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • झाबुआ जिले का टिमरवानी बनेगा प्रमुख केंद्र: टिमरवानी झाबुआ जिले में स्थित है, जहां दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का महत्वपूर्ण एंट्री और एग्जिट पॉइंट (इंटरचेंज) है। यह नया 4-लेन हाईवे सीधे इसी एक्सप्रेसवे इंटरचेंज से जुड़ेगा।
  • अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी: टिमरवानी से ही राजस्थान के कुशलगढ़ की ओर भी रास्ता जाता है। इस नए हाईवे के बनने से मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान के बीच आवागमन और व्यापारिक कनेक्टिविटी और भी मजबूत होगी।
  • समय सीमा: सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 24 महीने (2 साल) का लक्ष्य रखा है।

मिशन 2028: उज्जैन सिंहस्थ कुंभ के लिए अहम

​इस हाईवे का सबसे बड़ा रणनीतिक महत्व वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले ‘सिंहस्थ कुंभ मेले’ से जुड़ा है। उज्जैन से बदनावर तक 4-लेन सड़क का निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। अब बदनावर से टिमरवानी तक का हिस्सा पूरा होते ही यह मार्ग पश्चिमी राज्यों (गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र) से वाया दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे उज्जैन आने वाले ट्रैफिक के लिए सबसे छोटा और सुगम रास्ता बन जाएगा। 2028 से पहले इसका निर्माण पूरा होने से सिंहस्थ के दौरान उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं के वाहनों का दबाव आसानी से संभाला जा सकेगा।

मध्य भारत के व्यापार को मिलेगी नई उड़ान

​यह नया 4-लेन कॉरिडोर मध्य भारत को पश्चिमी व्यापार गलियारे (Western Trade Corridor) से मजबूती से जोड़ेगा। झाबुआ और धार जैसे जिलों से गुजरने वाला यह हाईवे मालवा क्षेत्र के लिए एक वरदान साबित होगा, जिससे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक औद्योगिक माल ढुलाई की लागत और समय दोनों में भारी कमी आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *