गुजरात से ‘उम्मीद’ लेकर झाबुआ आ रहे लोग: दाहोद से रेफर 37 गंभीर नवजातों का जिला अस्पताल में सफल इलाज, SNCU बना जीवन रक्षक

झाबुआ (Jhabua Post): आमतौर पर देखा जाता है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से लोग गुजरात (Gujarat) के बड़े शहरों और मेडिकल कॉलेजों का रुख करते हैं। लेकिन झाबुआ जिला चिकित्सालय (District Hospital Jhabua) ने इस धारणा को पलट कर रख दिया है। यहां की ‘विशेष नवजात शिशु…

झाबुआ एसएनसीयू

झाबुआ (Jhabua Post): आमतौर पर देखा जाता है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से लोग गुजरात (Gujarat) के बड़े शहरों और मेडिकल कॉलेजों का रुख करते हैं। लेकिन झाबुआ जिला चिकित्सालय (District Hospital Jhabua) ने इस धारणा को पलट कर रख दिया है। यहां की ‘विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई’ (SNCU) अब गंभीर और समय से पूर्व जन्म लेने वाले नवजातों (Premature Babies) के लिए एक बड़ा जीवन रक्षक केंद्र बन चुकी है, जिस पर गुजरात के लोगों का भरोसा भी तेजी से बढ़ रहा है।

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दाहोद से झाबुआ रेफर हुए 37 गंभीर शिशु

आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि झाबुआ जिला अस्पताल की नवजात शिशु सेवाएं कितनी उत्कृष्ट हो चुकी हैं। बीते एक वर्ष के दौरान गुजरात राज्य के दाहोद जिले से कुल 37 गंभीर नवजात शिशुओं को बेहतर इलाज के लिए झाबुआ जिला अस्पताल रेफर किया गया।

कहाँ से आए कितने बच्चे?

  • दाहोद के प्रतिष्ठित ज़ाइडस मेडिकल कॉलेज (Zydus Medical College) से: 22 शिशु
  • दाहोद के अन्य प्राइवेट अस्पतालों से: 15 शिशु

29 बच्चों ने जीती जिंदगी की जंग

SNCU वार्ड में झाबुआ के विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की दिन-रात की मेहनत रंग लाई।

  • दाहोद से आए 37 गंभीर नवजातों में से 29 शिशुओं का सफल उपचार कर उन्हें पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में उनके घर (डिस्चार्ज) भेजा गया।
  • 03 बेहद गंभीर नवजातों को और अधिक उच्च स्तरीय उपचार के लिए बड़े केंद्रों में रेफर किया गया।
  • 02 मामलों में परिजन डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध (LAMA) बच्चों को अपने साथ ले गए।
  • दुर्भाग्यवश 03 नवजात शिशुओं की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

अत्याधुनिक सुविधाएं और डॉक्टरों की मेहनत का नतीजा

गुजरात और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से मरीजों का झाबुआ आना इस बात का प्रमाण है कि यहां की स्वास्थ्य सेवाएं अब किसी भी बड़े प्राइवेट अस्पताल को टक्कर दे रही हैं। झाबुआ के SNCU वार्ड में उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरण (Advanced Equipments), वार्मर मशीनें और 24 घंटे मॉनिटरिंग सिस्टम बच्चों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

झाबुआ के सीएमएचओ डॉ. बीएस बघेल ने इस बड़ी सफलता का पूरा श्रेय SNCU में तैनात समस्त बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों (Pediatricians), नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों को दिया है। उनका कहना है कि झाबुआ अस्पताल में सारी सुविधाएं हैं, लगातार स्वास्थ्य के मामले में जिला अस्पताल बेहतर करता जा रहा है । अस्पताल प्रशासन ने भविष्य में भी इसी तरह गुणवत्तापूर्ण नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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