झाबुआ जिले के रायपुरिया में रास्ते को लेकर दो पक्षो में विवाद हो गया । एक परिवार पर जानलेवा हमला करने और पुलिस की कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। खेत से जबरन ट्रैक्टर निकालने का विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से न केवल बुजुर्गों और महिलाओं को पीटा, परिजनो का आरोप है कि 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ अश्लीलता की, उसे खींचकर ले जाने (अपहरण) की कोशिश की और बलात्कार करने की धमकी दी।
पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस अधीक्षक (SP) झाबुआ को दिए गए शिकायती आवेदन के अनुसार, 1 जून 2026 की शाम करीब 7:30 बजे आरोपी रघुनाथ, अल्पेश, कैलाश (सभी पिता मांगु मेड़ा) और उनके परिवार के अन्य सदस्य जबरन पीड़ित के खेत से ट्रैक्टर निकालने की कोशिश कर रहे थे। जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने गालियां देते हुए बांस के डंडों और लाठियों से हमला कर दिया। आरोपी पनास के रहने वाले हैं ।
– शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि आरोपियों ने घर में पोती के साथ मारपीट की, उसके साथ अश्लीलता की, उसे नहर की तरफ खींचकर ले जाने की कोशिश की और बलात्कार की धमकी दी। बीच-बचाव करने आए लकवाग्रस्त बुजुर्ग दादा को भी बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनके कान से खून बहने लगा। लेकिन पुलिस नाबालिग पीड़िता की बात भी नहीं सुनी ।
17 वर्षीय नाबालिग के साथ भी मारपीट , अश्लील हरकत, अपहरण की कोशिश, रायपुरिया ने पुलिस एफआईआर में की अनदेखी

पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे लहूलुहान हालत में रायपुरिया थाने पहुंचे, तो ए.एस.आई. बारोड़ ने उनकी पूरी बात नहीं सुनी। नाबालिग और अन्य चश्मदीदों के बयान दर्ज नहीं किए गए और असल घटना को छिपाते हुए पुलिस ने बेहद मामूली धाराओं (BNS 296b, 115(2), 351(2), 3(5)) में FIR (क्र. 0176) दर्ज कर ली। आरोपियों द्वारा अभी भी परिवार को जान से मारने और गांव से निकाल देने की धमकियां दी जा रही हैं, जिसके चलते पीड़ित परिवार ने जनसुनवाई में पहुंचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
सवाल ये है कि पुलिस ने नाबालिग को लेकर ऐसी कोताही क्यों बरती गई ।
अपनी दादा-दादी मां के साथ 17 साल की पीड़िता भी पहुंची , उसने बताया कि वो 11 वीं कक्षा में पढ़ती है , रोज स्कूल जाती है, ऐसे उसे डर है कि आरोपी उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन पुलिस हमारी सुनवाई नहीं कर रही है । नाबालिक का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई । अश्लील हरकत करने की कोशिश की गई साथ उसका अपहरण उठाकर धमकी दी । नाबालिग अपराधों को लेकर पुलिस बड़े दावे करती है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नज़र आती है । परिजनों को आरोप है कि पुलिस ने उन्हें क्रास एफआईआर की धमकी दे रही है । पीड़ित परिवार का कहना है कि हम लोगों के साथ मारपीट की गई, हमार खून बहाया गया और अब पुलिस हमारे ऊपर ही कार्रवाई की बात कर रही है ।
जनसुनवाई में पहुंचे शिकायत लेकर, एसपी से नहीं हुई मुलाकात, एसडीओपी बोले थाने जाओ
पीड़ित परिवार मंगलवार को शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचा था, वे झाबुआ एसपी से मिलकर अपनी पीड़ा बताना चाहते थे, लेकिन डीआईजी के निरीक्षण के चलते उनकी एसपी से मुलाकात नहीं हो पाई । थांदला एसडीओपी ने उनका आवेदन लिया और कह दिया कि थाने जाओ वहां बता रहे हैं । रायपुरिया से उम्मीद के साथ आए इन लोगों को निराशा ही हाथ लगी । पीड़ित परिवार का कहना है कि जब वे थाने पर जाते हैं तो उनसे ठीक से बात तक नहीं कि जाती, उन्हें दुत्कार के भगाया जाता है, इसलिए तो यहां आए हैं, लेकिन अब वापस वहां भेजा जा रहा है । लगातार धमकियां मिल रही है । ऐसे पूरे परिवार की जान का खतरा है ।
मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, धमकियां मिल रही है तो थाने आकर बताएं
पूरे मामले को लेकर रायपुरिया थाना प्रभारी गीता जाटव ने कहा कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है । आगे की कार्रवाई जारी है । अगर पीड़ित परिवार को धमकियां मिल रही है तो थाने आकर बताएं, कार्रवाई की जाएगी ।
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