झाबुआ, रविवार।
पूजे न गए शहीद तो फिर यह पंथ कौन अपनाएगा, माटी को चंदन कहकर माथे से कौन लगाएगा
ऐसे भावनात्मक माहौल में रविवार शाम झाबुआ के विजय स्तंभ शहीद स्मारक पर “एक दीप शहीदों के नाम” कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर 500 से अधिक दीप प्रज्वलित कर शहीदों को नमन किया गया।

यह कार्यक्रम झाबुआ प्रेस क्लब, लोकरंग संस्था संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसमें शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और जागरूक नागरिकों ने भाग लिया।





वीरों के सम्मान में जली 500 दीयों की लौ
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक गणेश उपाध्याय ने कहा कि विजय स्तंभ शहीद स्मारक 1857 की क्रांति के उन अज्ञात वीरों की स्मृति में बनाया गया है जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
उन्होंने कहा, “जब हम दीपावली जैसे पर्व पर दीप जलाते हैं, तो हमें उन अमर बलिदानियों को भी याद रखना चाहिए, जिनकी वजह से आज हम उत्सव मना पा रहे हैं।”
उन्होंने झाबुआ प्रेस क्लब और लोकरंग संस्था को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया और युवाओं से ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
“खुशियों के दीप, वीरों को नमन”
लोकरंग संस्था के दीपक दोहरे और कृष्णा कोलानी ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को देशभक्ति की भावना से जोड़ने का प्रयास है।
उन्होंने कहा, “जब हम अपने घरों में दीप जलाते हैं, तो हमें उन शहीदों के नाम भी एक दीप जलाना चाहिए जिनकी कुर्बानियों से हमारी आज़ादी सुरक्षित है।”

प्रशासन और संस्थाओं की भागीदारी
कार्यक्रम में झाबुआ तहसीलदार सुनील डावर ने भी पहुंचकर शहीदों को नमन किया और दीप प्रज्वलित किया।
इस दौरान ग्राहक पंचायत के नाथूलाल पाटीदार, प्रोग्रेसिव पेंशनर्स संघ के शशिकांत शर्मा, लोकरंग आशीष पांडे, प्रवेश उपाध्याय सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे। लोकरंग संस्था के आशीष पांडे ने फुलों से आकर्षक रंगोली बनाई!
अमर शहीदों को नमन
संध्या समय जब 500 से अधिक दीपों की लौ एक साथ जली, तो पूरा विजय स्तंभ दीपों की रोशनी से जगमगाा उठा!
देश के लिए बलिदान देने वाले वीर कभी भुलाए नहीं जा सकते। ये कार्यक्रम उसी की बानगी है!
झाबुआ प्रेस क्लब की ओर वीरेन्द्र सिंह राठौर और लोकरंग संस्था के आशीष पांडे ने कार्यक्रम में शामिल लोगों का आभार व्यक्त किया!







