CM MOHAN YADAV की बड़ी घोषणा : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ और धार जिले के लिए एक बड़ी धार्मिक और पर्यटन आधारित घोषणा की है। उन्होंने ऐलान किया कि धार और झाबुआ में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से जुड़े स्थानों को अब ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा और उन्हें प्रमुख तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री गुरुवार को झाबुआ जिले के ग्राम समोई में आयोजित ‘श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव’ में भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
निमाड़ में बरस रहा आनंद: CM

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज झाबुआ और निमाड़ की धरा पर आनंद बरस रहा है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को अद्भुत बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी से भेदभाव नहीं किया। प्रणामी संप्रदाय उसी सनातन परंपरा और सर्वधर्म समभाव को आगे बढ़ा रहा है।

पन्ना और प्रणामी संप्रदाय का गहरा नाता
मुख्यमंत्री ने प्रणामी संप्रदाय के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 400 वर्ष पूर्व सद्गुरु श्री देवचन्द्र जी महाराज द्वारा शुरू किया गया यह संप्रदाय आज सनातन का प्रकाश स्तंभ है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रणामी संप्रदाय के तीन प्रमुख धामों में से एक ‘मुक्ति पीठ पद्मावतीपुरी धाम’ मध्य प्रदेश के पन्ना में स्थित है, जिसका प्रचार-प्रसार महामति प्राणनाथ स्वामी और महाराजा छत्रसाल ने किया था।

समोई में संतों का महाकुंभ
ग्राम समोई में यह आयोजन गुरुजी श्री नटवरलालदास जी भट्ट के 47वें स्मृति महोत्सव के रूप में 9 से 13 दिसंबर तक चल रहा है। महाराज श्री रश्मिकांत एन. भट्ट के मार्गदर्शन में हो रहे इस आयोजन में श्रीमद्भागवत कथा, ब्रह्मज्ञान चर्चा और महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम स्थल पर वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, क्षेत्रीय सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान, कलेक्टर नेहा मीना और एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह मौजूद रहे। इस दौरान संतों ने मंत्री, सांसद और कलेक्टर को शॉल ओढ़ाकर आशीर्वाद प्रदान किया।
आयोजन में नवतनपुरी जामनगर से श्री कृष्णमणि महाराज, हरकुंडी (गुजरात) से श्री रश्मिकांत भट्ट, सिक्किम से कथाकार श्री प्रमोद सुधाकरण जी महाराज, सूरत से श्री लक्ष्मण ज्योति जी महाराज सहित बड़ी संख्या में संत और प्रणामी समाज के श्रद्धालु उपस्थित थे।






