झाबुआ जिले में ‘जल जीवन मिशन’ (Jal Jeevan Mission) के तहत चल रहे कार्यों की गुणवत्ता और जलापूर्ति की स्थिति जानने के लिए प्रशासनिक अमला अब मैदानी स्तर पर उतर आया है। कलेक्टर नेहा मीना (IAS Neha Meena) द्वारा समीक्षा बैठक में दिए गए सख्त निर्देशों के परिपालन में, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जितेंद्र सिंह चौहान ने 25 दिसंबर को पेटलावद विकासखंड का दौरा किया।

इन गांवों में पहुंची प्रशासनिक टीम
सीईओ जिला पंचायत श्री चौहान ने पेटलावद क्षेत्र के ग्राम बड़लीपाड़ा, सुल्तानपुरा, खाकरापाड़ा और पंथ बोराली में संचालित नल-जल योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कागजों पर चल रही योजनाएं धरातल पर भी ग्रामीणों की प्यास बुझा रही हैं या नहीं।

ग्रामीणों और सरपंचों से सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने केवल अधिकारियों की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया, बल्कि सीधे ग्राम सरपंचों और आम ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि:

- क्या उन्हें नियमित रूप से पानी मिल रहा है?
- पानी की गुणवत्ता (Quality) कैसी है?
- सप्लाई में किसी तरह की बाधा तो नहीं आ रही?
समस्याओं के तत्काल निराकरण के निर्देश
ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं और सुझावों को सीईओ ने गंभीरता से सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी कमियां हैं, उन्हें तुरंत सुधारा जाए। श्री चौहान ने स्पष्ट किया कि, “जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को शुद्ध एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस निरीक्षण दौरे के दौरान कार्यपालन यंत्री (PHE) श्री जितेन्द्र मावी, सहायक यंत्री श्री दयालु राठौर और विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।






