झाबुआ। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार सामुदायिक पुलिसिंग के तहत झाबुआ पुलिस द्वारा चलाई जा रही विशेष मुहिम ‘सृजन’ का शनिवार (3 जनवरी) को भव्य समापन हुआ। पुलिस लाइन में आयोजित इस समारोह में उन 100 अभावग्रस्त बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पिछले 20 दिनों में पुलिस के मार्गदर्शन में अनुशासन और सुरक्षा का ककहरा सीखा है।

खेल के साथ संस्कार भी
सृजन कार्यक्रम का शुभारंभ 15 दिसंबर 2025 को किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों का न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और नैतिक विकास करना भी था। पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों (रोटरी क्लब और उदय संस्था) के सहयोग से बच्चों को दो तरह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया:

- बाह्य प्रशिक्षण (शारीरिक दक्षता): इसमें बच्चों को जूडो, कराटे, योग और पी.टी. का अभ्यास कराया गया।
- आंतरिक प्रशिक्षण (बौद्धिक विकास): बच्चों को साइबर सुरक्षा, यातायात नियम, महिला सुरक्षा और विधिक जागरूकता जैसे गंभीर विषयों की सरल भाषा में जानकारी दी गई।

समारोह में बच्चों ने दिखाया दम
समापन समारोह के दौरान प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों ने जूडो-कराटे के दांव-पेंच और योगासनों की बेहतरीन प्रस्तुति देकर उपस्थित अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
अधिकारियों ने दी अनुशासन की सीख
कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को जीवन में अनुशासन अपनाने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सीख दी। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया, एसडीओपी (SDOP) श्रीमती रूपरेखा यादव, रक्षित निरीक्षक श्री अखिलेश राय, सूबेदार धर्मेंद्र पटेल, सूबेदार कोमल मीणा और सूबेदार विजेंद्र मुझाल्दा विशेष रूप से उपस्थित थे। साथ ही रोटरी क्लब और उदय संस्था के सदस्य भी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश भर में पुलिस द्वारा सृजन, जिम्मेदार मर्दानगी, और महिला सुरक्षा जैसे कई जनहितैषी अभियान चलाए जा रहे हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।






