“सोशल मीडिया का नशा अब घरों को उजाड़ रहा है। झाबुआ में एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जहाँ पत्नी ने सिर्फ इसलिए पति की हत्या कर दी क्योंकि उसने इंस्टाग्राम रील बनाने और शादी में नाचने से मना किया था।”
झाबुआ/थांदला (Jhabua Crime News): आज की युवा पीढ़ी पर सोशल मीडिया का नशा किस कदर हावी है, इसकी बानगी झाबुआ जिले के थांदला में देखने को मिली। यहाँ एक नाबालिग पत्नी ने अपने पति की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि वह उसे इंस्टाग्राम (Instagram) पर नाचने वाली रील डालने से रोकता था। हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या करने से पहले आरोपी ने YouTube पर सर्च किया कि “गला कितनी देर दबाने से इंसान मर जाता है” और फिर उसी तरीके से वारदात को अंजाम दिया।

24 घंटे में सुलझा ‘अंधा कत्ल’
थांदला पुलिस के लिए यह मामला एक ‘ब्लाइंड मर्डर’ (Blind Murder) था। 28 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे पुलिस को सूचना मिली कि कैलाश (पिता रायचंद माल, उम्र 25 वर्ष) का शव उसके घर में संदिग्ध हालत में पड़ा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत गला दबाने से हुई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर सेल और थांदला पुलिस ने जाल बिछाया और महज 24 घंटे के भीतर इस रहस्य से पर्दा उठा दिया।
विवाद की जड़: शादी का डांस और इंस्टाग्राम रील
पुलिस विवेचना में जो कहानी सामने आई, वह चौंकाने वाली थी।
घटना वाली रात (28 जनवरी) पति-पत्नी एक शादी समारोह में गए थे। वहां पत्नी डीजे पर नाच रही थी और रील बना रही थी। पति कैलाश, जो पहले से पत्नी के चरित्र पर शक करता था, ने उसे नाचने और सोशल मीडिया पर रील अपलोड करने से मना किया। इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
यूट्यूब पर देखा ‘मर्डर ट्यूटोरियल’
घर लौटने के बाद पति सो गया, लेकिन पत्नी का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
नाबालिग पत्नी ने मोबाइल से सीखकर उसने घर में रखी पगड़ी (साफा) की रस्सी बनाई और सो रहे पति का गला तब तक दबाए रखा जब तक उसकी सांसें नहीं थम गईं।
पुलिस की सराहनीय भूमिका
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करने में थांदला थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कनेश, उनि नरेश निनामा, सउनि हरेसिंह मुवेल, सउनि शैलेंद्र शुक्ला और साइबर टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। आरोपी पत्नी (जो नाबालिग है) को पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया है।
समाज के लिए चेतावनी (Cautionary Note)
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए एक लाल बत्ती (Red Flag) है। सोशल मीडिया का यह ‘वर्चुअल नशा’ अब रिश्तों और संवेदनाओं को खत्म कर रहा है। माता-पिता और परिजनों को यह निगरानी रखने की जरूरत है कि उनके बच्चे इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं और सोशल मीडिया उनकी मानसिकता को कैसे प्रभावित कर रहा है।





