Jhabauapost@700014627 लंबे इंतजार के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए 62 आईपीएस (IPS) अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर दी है। इस सूची में मुख्य रूप से उन अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है, जिनका प्रमोशन डीआईजी (DIG) के पद पर हो चुका था, लेकिन वे अब भी जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

इस फेरबदल के तहत झाबुआ जिले को अपना नया पुलिस कप्तान मिल गया है। बुरहानपुर के एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार को अब झाबुआ का नया एसपी नियुक्त किया गया है। वहीं, झाबुआ में अपनी सख्त और पारदर्शी कार्यप्रणाली के लिए चर्चित एसपी डॉ. शिवदयाल गुर्जर को पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल में डीआईजी बनाया गया है। इसी तरह खंडवा के एसपी मनोज कुमार राय को भी डीआईजी (PHQ) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डॉ. शिवदयाल गुर्जर: सितंबर 2025 में संभाली थी कमान, ‘फ्रंटलाइन लीडरशिप’ और सख्त पुलिसिंग से बनी पहचान । सितंबर 2025 की शुरुआत में सरकार द्वारा किए गए 50 आईपीएस अधिकारियों के बड़े फेरबदल के दौरान डॉ. शिवदयाल गुर्जर को झाबुआ एसपी की कमान सौंपी गई थी। झाबुआ के निवर्तमान एसपी डॉ. गुर्जर का यह कार्यकाल भले ही अवधि में छोटा (लगभग 8 महीने का) रहा, लेकिन जिले में उनकी लीडरशिप की गहरी छाप रही। उन्होंने कई जटिल स्थितियों को स्वयं मोर्चे पर जाकर संभाला:
- संवेदनशील मौकों पर ‘फ्रंट फुट’ लीडरशिप: डॉ. गुर्जर ने हर संकट को सीधे मोर्चे पर संभाला। कई बार लोगों के बीच में पहुंच कर उनसे संवाद किया, जिसके परिणाम सार्थक रहे । सजेली गौ हत्याकांड के बाद झाबुआ में बड़ा प्रदर्शन हुआ । तब खुद लोगों के बीच में पहुंचे और उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया ।
- जघन्य अपराधों का त्वरित खुलासा: अपराध नियंत्रण में उन्होंने कोई कोताही नहीं बरती। लगातार कॉम्बिंग गश्त होती रही । हत्या,लूट, चोरी जैसे मामलों में कार्रवाई की । जिले में अब तक की सबसे बड़ी चांदी चोरी मामले भी एफआईआर दर्ज करवाई ।
- पुलिस महकमे में अनुशासन (जीरो टॉलरेंस): उनकी क्राइम मीटिंग्स पुलिस महकमे में काफी चर्चा का विषय रहीं। उन्होंने बेहतर काम करने वाले जवानों की खुलकर तारीफ की, लेकिन खाकी पर दाग लगाने वालों को बख्शा नहीं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण तब देखने को मिला, जब महकमे को बदनाम करने वाले एक लापरवाह कांस्टेबल से वर्दी छीनकर उसे सीधे सेवा से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया गया।
झाबुआ के नए कप्तान देवेंद्र कुमार पाटीदार: बुरहानपुर में छोड़ी है सख्त पुलिसिंग की छाप झाबुआ की नई कमान संभालने वाले देवेंद्र कुमार पाटीदार एक तेज-तर्रार और एक्शन-ओरिएंटेड अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। बुरहानपुर एसपी के तौर पर उनका कार्यकाल कई बड़ी उपलब्धियों से भरा रहा है, जिससे झाबुआ को भी बेहतर कानून-व्यवस्था की उम्मीदें हैं:
- अवैध शराब और माफियाओं पर सीधा प्रहार: बुरहानपुर में उनके नेतृत्व में अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ बड़े पैमाने पर धरपकड़ अभियान चलाया गया, जिसने शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी।
- साइबर क्राइम और जटिल मामलों का खुलासा: साइबर क्राइम पर नकेल कसते हुए उनके निर्देशन में साइबर सेल ने लाखों रुपये के चोरी व गुम हुए मोबाइल रिकवर कर जनता को लौटाए। साथ ही कई जटिल आपराधिक मामलों को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझाने में सफलता हासिल की।
- जीरो टॉलरेंस नीति: हाल ही में बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक और नकल से जुड़े एक गंभीर मामले में उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषी शिक्षकों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई, जो सिस्टम में पारदर्शिता के प्रति उनकी सख्ती को दर्शाता है।
नवागत एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार की कार्यप्रणाली को देखते हुए, झाबुआ की जनता को उम्मीद है कि वे जिले में अपराधियों में खौफ कायम करेंगे और पुलिसिंग को एक नई दिशा देंगे।
(62 आईपीएस अधिकारियों की पूरी तबादला सूची नीचे संलग्न है…)
मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग द्वारा जारी आईपीएस तबादला सूची (02 मई 2026)

















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