दूषित जल से 1 की मौत, कई बीमार — कांग्रेस ने नल-जल योजना पर उठाए सवाल

झाबुआ, थांदला। थांदला विकासखंड के आदिवासी क्षेत्र भामल गांव में दूषित पानी पीने से 1 ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि कईं लोग बीमार हो गए हैं। पीड़ितों को पेटलावद, रतलाम और गुजरात के दाहोद स्थित निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। कई की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। इस घटना के…

कांग्रेस ने नल-जल योजना पर उठाए सवाल

झाबुआ, थांदला। थांदला विकासखंड के आदिवासी क्षेत्र भामल गांव में दूषित पानी पीने से 1 ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि कईं लोग बीमार हो गए हैं। पीड़ितों को पेटलावद, रतलाम और गुजरात के दाहोद स्थित निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। कई की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

इस घटना के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रांका ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नल-जल योजना पूरी तरह से विफल हो गई है और कई गांवों में या तो टंकियों में पानी नहीं है या जो पानी आ रहा है, वह पीने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि “ग्रामीण आज भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे उनकी सेहत खतरे में पड़ गई है।”

कांग्रेस ने नल-जल योजना पर उठाए सवाल
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प्रकाश रांका ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार की नल-जल योजना केवल कागजों तक सीमित है और जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों को पानी के लिए कई किलोमीटर तक जाना पड़ता है।

इससे पहले थांदला विधायक वीर सिंह भूरिया ने भी दाहोद और पेटलावद के अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अब तक कोई तात्कालिक आर्थिक मदद नहीं दी है, जिससे पीड़ित परिवार परेशान हैं।

घटना के विरोध में कांग्रेस नेताओं का एक दल भी मौके पर पहुंचा, जिसमें जिला कांग्रेस संगठन मंत्री जसवंत भाबर, ब्लॉक अध्यक्ष यामीन शेखभूरसिंह, पूर्व जनपद अध्यक्ष कालू सिंह नलवाया, वरिष्ठ नेता नंदलाल मेण, कमलेश पटेल समेत अन्य शामिल रहे। सभी ने मिलकर प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए । यह जानकारी जिला कांग्रेस प्रवक्ता अली असगर बोहरा ने दी ।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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