झाबुआ (11 जनवरी 2026)। जिले के किसान भाइयों के लिए साल 2026 नई उम्मीदें लेकर आया है। मध्यप्रदेश सरकार ने इस साल को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। इसी कड़ी में आज झाबुआ के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और उनकी समस्याओं को घर बैठे सुलझाने के लिए ‘कृषि रथ’ अभियान की शुरुआत की गई है।

कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने हरी झंडी दिखाकर इन कृषि रथों को गांवों के लिए रवाना किया। इससे पहले, भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किसान भाइयों को दिखाया गया।

अब वैज्ञानिकों की टीम आएगी आपके गांव
मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अब आपको खेती की नई तकनीकों के लिए शहर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कृषि रथ के माध्यम से कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी खुद आपके गांव आएंगे।
- जिले के 6 विकासखंडों के लिए 6 अलग-अलग रथ तैयार किये गए हैं।
- यह रथ रोजाना 3 ग्राम पंचायतों का दौरा करेंगे।
- अगले एक महीने में जिले की सभी 375 पंचायतों में यह रथ पहुंचेंगे।


जायद फसलों से बढ़ाएं आमदनी
कार्यक्रम में बताया गया कि जिन किसान भाइयों के पास सिंचाई (पानी) की अच्छी व्यवस्था है, उन्हें गर्मी के मौसम (जायद) की फसलों की जानकारी दी जाएगी। उन्नत बीज और सही तकनीक अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। इसमें महिला किसानों को भी विशेष रूप से खेती की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
खाद के लिए लंबी लाइनों का झंझट खत्म
किसानों के लिए एक और राहत की खबर जिला अध्यक्ष श्री भानु भूरिया ने दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने खाद वितरण के लिए ‘ई-विकास प्रणाली’ के तहत ‘ई-टोकन’ व्यवस्था लागू कर दी है।
इसका फायदा यह होगा कि अब किसानों को खाद-बीज के लिए घंटों धूप में लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। आपके मोबाइल पर ही पता चल जाएगा कि खाद कब और कहां उपलब्ध है।
मौके पर ही होगा समस्याओं का समाधान
मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह और उप संचालक कृषि नगीन सिंह रावत ने बताया कि इस यात्रा का रूट चार्ट तैयार है। रथ यात्रा के दौरान अगर किसी किसान को खेती में कोई बीमारी या समस्या आ रही है, तो मौके पर मौजूद वैज्ञानिक उसका समाधान बताएंगे।
ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य बहादुर सिंह हटिला, जनपद अध्यक्ष पति हरू भूरिया, एसडीएम भास्कर गाचले सहित आत्मा परियोजना संचालक जी.एस. त्रिवेदी और बड़ी संख्या में जिले के प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।









