Jhabua Post

Local भी,Global भी !

झाबुआ: करवड़ में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया शीतला सप्तमी का पर्व, नहीं जले घरों में चूल्हे

img 20260311 wa00055707055086944239841

करवड़/झाबुआ: झाबुआ जिले के करवड़ सहित आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को शीतला सप्तमी (बासौड़ा) का पर्व पूरी श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अलसुबह से ही शीतला माता के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाओं ने माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की निरोगी काया, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

img 20260311 wa00055707055086944239841

सोलह श्रृंगार कर पूजा करने पहुंचीं महिलाएं

​शीतला सप्तमी के पावन अवसर पर महिला श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक रूप से सोलह श्रृंगार कर और हाथों में पूजा की थालियां सजाकर सुबह से ही मंदिरों की ओर निकल पड़ीं। मंदिरों में माता के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान महिलाओं ने शीतला माता को जल, रोली, मेहंदी और विशेष ठंडे व्यंजनों का भोग अर्पित किया। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उमंग का माहौल रहा।

परंपरा का निर्वहन: नहीं जले घरों में चूल्हे, ग्रहण किया बासी भोजन

​शीतला सप्तमी की सदियों पुरानी ‘बासौड़ा’ परंपरा के अनुसार, महिलाओं ने एक दिन पूर्व (षष्ठी के दिन) ही अपने घरों में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यंजन बनाकर तैयार कर लिए थे। पर्व के दिन (सप्तमी को) किसी भी घर में गैस या चूल्हा नहीं जलाया गया। श्रद्धालुओं ने एक दिन पूर्व बना हुआ ठंडा भोजन ही माता को भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। इसके साथ ही, घरों में आने वाले अतिथियों का स्वागत भी इन्हीं विशेष ठंडे व्यंजनों को परोस कर किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *