पेटलावद: नल-जल योजना, एक भूल के कारण 4000 रु. महीना पानी पर खर्च कर रहा परिवार,

​पेटलावद : नगर परिषद में जल को लेकर लोग परेशान है। ठेकेदारों की लापरवाही का ताजा उदाहरण पेटलावद की बरबेटा कॉलोनी में सामने आया है, जहां एक परिवार गर्मी में पानी के लिए तरस रहा है। सिस्टम की बेरुखी का आलम यह है कि जनसुनवाई में शिकायत करने के बाद भी पीड़ित परिवार को सिर्फ…

पेटलावद में पानी के लिए परिवार परेशान ।

पेटलावद : नगर परिषद में जल को लेकर लोग परेशान है। ठेकेदारों की लापरवाही का ताजा उदाहरण पेटलावद की बरबेटा कॉलोनी में सामने आया है, जहां एक परिवार गर्मी में पानी के लिए तरस रहा है। सिस्टम की बेरुखी का आलम यह है कि जनसुनवाई में शिकायत करने के बाद भी पीड़ित परिवार को सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं।

19 मई को जनसुनवाई में की थी शिकायत, नतीजा सिफर

​बरबेटा कॉलोनी (पेटलावद) के रहने वाले पीड़ित सीमान्त सिंह राठौड़ ने बताया कि नल जल योजना का काम करने वाली कंपनी ने उनके घर तक पानी की पाइपलाइन नहीं बिछाई है, जबकि उनके घर के ठीक सामने से पुरानी लाइन गुजरी हुई है।

​परेशान होकर सीमान्त सिंह ने 19 मई 2026 को विकासखंड स्तरीय जनसुनवाई में इसकी लिखित शिकायत कलेक्टर के सीमान्त ने दर्ज कराई थी। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन उनकी समस्या सुनेगा, लेकिन भी अब तक इस समस्या का कोई निराकरण नहीं हुआ है। CM हेल्पलाइन पर की गई शिकायत भी पहले ही बंद की जा चुकी है। उनके घर के कनेक्शन उनके घर से दूर से दिया गया है। जहां प्रेशर की समस्या रहती है।

पेटलावद में पानी के लिए परिवार परेशान ।

इंजीनियर का जवाब: ड्राइंग में शामिल नहीं था,

​जब इस पूरे मामले में पेटलावद नगर परिषद के इंजिनियर से पूछा गया , तो उन्होंने सारा ठीकरा ‘कागजी कार्रवाई’ और ‘ड्राइंग’ पर फोड़ दिया।

नगर परिषद पेटलावद के इंजीनियर दीपक वास्कले का कहना है:

“इस समस्या को लेकर संबंधित ठेकेदार को बता दिया गया है। शुरुआत में यह हिस्सा पाइपलाइन की ड्राइंग में शामिल नहीं था। अब आगे से अप्रूवल (मंजूरी) मिलने के बाद ही आगे तक नई लाइन डाली जाएगी।

4000 रुपये महीने का आर्थिक डंक

​कागजों की इस लेटलतीफी और ड्राइंग के खेल का सीधा नुकसान पीड़ित परिवार को उठाना पड़ रहा है। गर्मियों के इस चरम मौसम में सीमान्त सिंह को हर महीने सिर्फ पानी के टैंकर मंगवाने के नाम पर अपनी जेब से लगभग 4000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

कब मिलेगी मंजूरी, कब बुझेगी प्यास?

​इंजीनियर के बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह अप्रूवल कब मिलेगा? ठेकेदार कब अपना काम शुरू करेगा? और इस परिवार को पानी के लिए हो रहे आर्थिक नुकसान से कब राहत मिलेगी?

​फिलहाल, पीड़ित परिवार और मोहल्लेवासी केवल यही उम्मीद कर सकते हैं कि उच्च अधिकारी इस मामले में संज्ञान लें, जल्द अप्रूवल दें और अधूरा छूटा हुआ काम पूरा हो सके, ताकि आम आदमी को नल-जल योजना का वास्तविक लाभ मिल सके।

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