रायपुरिया में मिसाल बने युवा: जहाँ कभी लगता था कचरे का ढेर, आज वहाँ बेखौफ नाचते हैं मोर

अक्सर हम अपने आस-पास की गंदगी देखकर सिर्फ शिकायतें करते हैं, लेकिन रायपुरिया के युवाओं ने शिकायत करने के बजाय खुद बदलाव लाने की ठानी। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि गाँव का जो मैदान कभी कचरे और बदबू का अड्डा हुआ करता था, वह आज एक खूबसूरत ‘मयूर पार्क’ में बदल गया है।…

रायपुरिया में मयुर पार्क की सफाई ।

अक्सर हम अपने आस-पास की गंदगी देखकर सिर्फ शिकायतें करते हैं, लेकिन रायपुरिया के युवाओं ने शिकायत करने के बजाय खुद बदलाव लाने की ठानी। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि गाँव का जो मैदान कभी कचरे और बदबू का अड्डा हुआ करता था, वह आज एक खूबसूरत ‘मयूर पार्क’ में बदल गया है।

युवाओं ने खुद उठाया बीड़ा इस पूरे बदलाव के पीछे गाँव के 10-12 उत्साही युवाओं की टीम है। उन्होंने किसी सरकारी मदद का इंतज़ार नहीं किया, बल्कि अपनी जेब से चंदा इकट्ठा किया। सबसे पहले उन्होंने उस कचरे वाले मैदान की सफाई करवाई और उसे समतल (लेवल) करवाया। पर्यावरण को हरा-भरा बनाने की सोच के साथ उन्होंने वहां 40 से 50 पौधे लगाए। आज वे पौधे बड़े होकर पेड़ बन चुके हैं और अपनी घनी छांव से वहां से गुजरने वालों को सुकून दे रहे हैं।

रायपुरिया में मयुर पार्क की सफाई ।

मोरों के लिए बनाया आशियाना इस जगह को और भी खास बनाने के लिए युवाओं ने इसे राष्ट्रीय पक्षी मोर के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना दिया है। मोर बिना किसी डर के यहाँ घूम सकें, इसके लिए पूरे पार्क के चारों ओर तार की फेंसिंग की गई है।

  • दाने-पानी का खास इंतजाम: मोरों के दाना चुगने के लिए एक विशेष चबूतरा बनाया गया है, जहाँ गाँव वाले रोज़ाना अनाज डालते हैं।
  • रोज़ होती है सफाई: प्यास बुझाने के लिए पानी की दो टंकियां (हौद) रखी गई हैं। युवाओं का जज्बा ऐसा है कि वे हर दिन खुद इन टंकियों की सफाई करते हैं ताकि पक्षियों को साफ पानी मिले।

पंचायत ने भी बढ़ाया मदद का हाथ युवाओं की इस सच्ची लगन और निस्वार्थ सेवा को देखकर ग्राम पंचायत भी पीछे नहीं रही। पंचायत ने इस नेक काम में सहयोग करते हुए पार्क में नल कनेक्शन लगवा दिया है, जिससे अब मोरों के लिए शुद्ध पानी भरना और भी आसान हो गया है।

रायपुरिया के इन युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ अच्छा करने की ठान ली जाए, तो किसी भी बंजर और वीरान जगह को ज़िंदगी और हरियाली से भरा जा सकता है। उनकी यह पहल पूरे इलाके के लिए पर्यावरण बचाने और बेजुबानों से प्यार करने की एक शानदार मिसाल है।

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