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झाबुआ: खाद की कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं सूचना देने वाले को मिलेगा 1000 रुपये नकद ईनाम

झाबुआ (Jhabua Post): झाबुआ जिले के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। हर साल खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, विक्रय से परेशान रहने वाले किसानों को राहत देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिले में अवैध उर्वरक गतिविधियों की रोकथाम के लिए ‘सूचना दाता प्रोत्साहन…

खाद की कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं । jhabua news

झाबुआ (Jhabua Post): झाबुआ जिले के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। हर साल खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, विक्रय से परेशान रहने वाले किसानों को राहत देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिले में अवैध उर्वरक गतिविधियों की रोकथाम के लिए ‘सूचना दाता प्रोत्साहन योजना’ (Informant Incentive Scheme) लागू कर दी गई है।

अब खाद में गड़बड़ी करने वाले, मिलावटखोर या मुनाफा कमाने वाले दुकानदारों की सटीक सूचना प्रशासन को देने वाले नागरिक या किसान को ईनाम दिया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

खाद की कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं । jhabua news

क्यों पड़ी इस योजना की जरूरत

झाबुआ में लंबे समय से खाद की कालाबाजारी एक गंभीर समस्या रही है। खासकर यूरिया (Urea Fertilizer) को लेकर किसानों की हमेशा शिकायत रहती है कि जो यूरिया खाद शासन द्वारा 266.50 रुपये प्रति बोरी तय की गई है, वही यूरिया स्थानीय दुकानदार मनमाने ढंग से 300 से लेकर 500 रुपये तक में बेचते हैं।

पिछले साल भी जिले के कई हिस्सों से ऐसी शिकायतें सामने आई थीं, जब किसानों को मजबूरी में दोगुनी कीमत पर खाद खरीदनी पड़ी थी। किसानों की इसी लूट और नकली खाद के कारोबार पर नकेल कसने के लिए अब सीधे आम जनता को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।

योजना की मुख्य बातें और ईनाम की शर्त

उप संचालक (किसान कल्याण तथा कृषि विकास) एन.एस. रावत ने बताया कि यह योजना 20 मई 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना है।

  • किन मामलों में दे सकते हैं सूचना? यदि कोई दुकानदार बिना लाइसेंस खाद बेच रहा हो, गोदाम में अवैध भंडारण कर रखा हो, तय कीमत से ज्यादा पैसे (ओवररेट) वसूल रहा हो, या नकली/मिलावटी खाद बेच रहा हो। इसके अलावा सब्सिडी वाली खाद का औद्योगिक इस्तेमाल होने पर भी शिकायत की जा सकती है।
  • 1000 रुपये का ईनाम: यदि आपकी दी गई सूचना सत्य (सही) पाई जाती है और विभाग उस आधार पर सफल कार्रवाई (छापा/जब्ती) करता है, तो सूचना दाता को प्रति सूचना 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
  • 30 दिन में खाते में पैसा: यह ईनाम की राशि कलेक्टर की स्वीकृति के बाद अधिकतम 30 कार्य दिवस के भीतर सीधे सूचना दाता के बैंक खाते में जमा करा दी जाएगी।
  • पहचान रहेगी 100% सीक्रेट: आम तौर पर लोग माफियाओं के डर से शिकायत नहीं करते। इसीलिए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा और किसी भी स्थिति में सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

यहाँ करें सीधे शिकायत

अगर आपके आस-पास भी खाद की कालाबाजारी हो रही है या कोई दुकानदार 266.50 रुपये की यूरिया के ज्यादा पैसे मांग रहा है, तो आप तुरंत सीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 पर कॉल करके अपनी सूचना दर्ज करा सकते हैं। सूचना सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तुरंत वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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