झाबुआ | 03 दिसंबर 2025
जिला झाबुआ पुलिस ने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और गुमशुदगी रोकने के लिए चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान में इस वर्ष उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। वर्ष 2025 में 1 जनवरी से 30 नवंबर तक जिले में कुल 225 बच्चे (8 बालक व 217 बालिकाएँ) गुमशुदा दर्ज हुए थे, जिनमें से 214 बच्चों (6 बालक व 208 बालिकाएँ) को सकुशल दस्तयाब कर परिवारों से मिला दिया गया। यह उपलब्धि लगभग 95.11% सफलता दर को दर्शाती है।

ऑपरेशन मुस्कान—माह नवंबर की प्रमुख उपलब्धियाँ
नवंबर माह में विशेष अभियान चलाकर पुलिस ने:
232 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए
31,513 से अधिक लोगों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया

38 गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा
थानों का प्रदर्शन
जिले के सभी थानों ने गुमशुदा बच्चों को खोजने के लिए समन्वित प्रयास किए। प्रमुख सफलताएँ—
कोतवाली थाना: 58 में से 57 बच्चे दस्तयाब (98.28%)
राणापुर: 29 में से 28 बच्चे दस्तयाब (96.55%)
पेटलावद: 26 में से 25 बच्चे दस्तयाब (96.15%)
थांदला: 39 में से 37 बच्चे दस्तयाब (94.87%)
उल्लेखनीय केस
राणापुर पुलिस ने 2017 से लापता बालिका को गोधरा (गुजरात) से बरामद किया।
मेघनगर पुलिस ने ग्राम पिपलखुंटा की नाबालिग अपहता को अहमदाबाद–गांधीनगर क्षेत्र से खोज निकाला।
पेटलावद पुलिस ने ग्राम कालीघाटी की बालिका को सूरत (गुजरात) से दस्तयाब किया।
समग्र सफलता
झाबुआ पुलिस के प्रयासों की बदौलत वर्ष 2025 में गुमशुदा बच्चों की बरामदगी का आंकड़ा 214 तक पहुँच गया है, जो कि उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार लगभग 95% सफलता दर को दर्शाता है।
अभियान की सफलता जिला पुलिस की सतर्कता, टीमवर्क और जनसहयोग की मजबूत मिसाल प्रस्तुत करती है।






