रेत का डंपर फिर बना काल : क्षेत्र में बेखौफ दौड़ते ओवरलोड वाहनों ने आज फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। परवलिया गांव के स्कूल चौराहे पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें रेत से भरे ओवरलोड ट्राले (डंपर) की लापरवाही के कारण एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई।

सुबह हुआ हादसा, बाइक सवार आया चपेट में!
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय एक रेत से भरा ओवरलोड ट्राला स्कूल चौराहे से गुजर रहा था। ट्राला इतना ज्यादा भरा हुआ और ऊंचा था कि वह सड़क किनारे स्थित एक पुराने बरगद (बड़) के पेड़ से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पेड़ का एक विशाल हिस्सा टूटकर सामने लगे बिजली के पोल (विद्युत खंभे) पर जा गिरा।
दुर्भाग्यवश, उसी वक्त वहां से गुजर रहे बाइक सवार देवचंद भाबर (निवासी सालपुरा फलिया, परवलिया) उस बिजली के पोल की चपेट में आ गए। पोल और पेड़ का हिस्सा गिरने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्राला चालक मौके से फरार हो गया।
एम्बुलेंस में देरी, निजी वाहन से ले गए अस्पताल
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी। घायल देवचंद को आनन-फानन में निजी वाहन से थांदला सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रतिबंधित PM सड़क पर भारी वाहनों का आतंक
ग्रामीणों ने बताया कि जिस सड़क पर यह हादसा हुआ, वह प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क (PM Road) है, जो भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, मुख्य मार्ग (थांदला-लिमड़ी रोड) से बचने और टोल/दूरी कम करने के चक्कर में भारी वाहन चालक इसे शॉर्टकट की तरह इस्तेमाल करते हैं। वे यहां से गुजरकर उदयपुरिया होते हुए 8-लेन पर चढ़ते हैं।
हजारों स्कूली बच्चों पर मंडराता खतरा
हादसा स्कूल चौराहे पर हुआ है, जहां पास में ही हाई स्कूल स्थित है। इस स्कूल में हजारों बच्चे पढ़ते हैं। गनीमत रही कि हादसे के वक्त स्कूल की छुट्टी या भारी भीड़ नहीं थी, वरना यह हादसा और भी भयावह हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते इस संकरी सड़क पर प्रतिदिन सैकड़ों ओवरलोड वाहन काल बनकर दौड़ते हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश
स्थानीय निवासी हरीश पांचाल और अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद किया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी और की जान न जाए।






