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Jhabua News: राशन की दुकान के लिए ग्रामीण पहुंचे झाबुआ, दूर दुकान होने से लोग उठा रहे परेशानी,

झाबुआ (Jhabua News): जिले के ग्राम आमली फलिया (Amli Faliya) में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पटरी से उतर गई है। ग्रामीणों को अपने हक का अनाज लेने के लिए न सिर्फ कई किलोमीटर भटकना पड़ रहा है, बल्कि हादसों का शिकार भी होना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को झाबुआ तहसीलदार सुनील डावर को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

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दूसरे गांव से मिल रहा राशन, बुजुर्ग महिला हुई हादसे का शिकार

ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव की शासकीय उचित मूल्य की दुकान (Ration Shop) पिछले काफी समय से बंद है। पूर्व सेल्समैन द्वारा की गई अनियमितताओं के कारण दुकान का संचालन अब ढेकल बड़ी (Dhekal Badi) से किया जा रहा है।

दूरी अधिक होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर बुजुर्गों को भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने दर्दनाक वाकया साझा करते हुए बताया कि एक माह पूर्व गांव की एक बुजुर्ग महिला पैदल अनाज लेने जा रही थी, तभी वह सड़क दुर्घटना (Road Accident) का शिकार हो गई और उनका पैर टूट गया। इसके बावजूद प्रशासन ने सुध नहीं ली।

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पेसा एक्ट का उल्लंघन: पंचायत को अंधेरे में रखकर जारी की विज्ञप्ति

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि खाद्य विभाग ने राशन दुकान के आवंटन के लिए विज्ञप्ति तो जारी की, लेकिन ग्राम पंचायत को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। जबकि पेसा एक्ट (PESA Act) के तहत ग्राम सभा का निर्णय सर्वोपरि होता है।

सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू वड़खिया ने बताया कि ग्राम पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है कि गांव की राशन दुकान का संचालन स्थानीय ‘वाखला बचत समूह’ (Vakhla Bachat Samooh) को सौंपा जाए। ग्रामीणों की मांग है कि विभाग ग्राम सभा के प्रस्ताव का सम्मान करे और बाहरी व्यक्ति की बजाय स्थानीय समूह को जिम्मेदारी दे।

राशन वितरण में सिंडिकेट? एक ही व्यक्ति के पास कई दुकानें

पप्पू वड़खिया ने जिले की राशन वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में एक ही व्यक्ति का नाम बार-बार अलग-अलग दुकानों के संचालन में सामने आता है। जहाँ भी यह व्यक्ति दुकान चलाता है, वहां अनियमितताएं पाई जाती हैं। ग्रामीणों ने तहसीलदार से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और ‘राशन माफिया’ राज खत्म कर स्थानीय समूहों को रोजगार दिया जाए।