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गायब बच्ची को पुलिस ने रात के अंधेरे में खोज निकाला, माँ की गोद में लौटी तो छलक आए आंसू

थांदला (झाबुआ)।

अक्सर पुलिस की सख्ती की खबरें सामने आती हैं, लेकिन बुधवार की रात थांदला पुलिस का एक ऐसा मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। पुलिस की तत्परता ने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया और महज 3 घंटे के भीतर उनकी गायब हुई ‘नन्ही परी’ को सकुशल उनके हवाले कर दिया।

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रोशनी को उसकी मां को सौपते हुए थांदला थाना प्रभारी अशोक कनेश

क्या था पूरा मामला?

घटना 7 जनवरी 2026 की है। थांदला कस्बे की ऋतुराज कॉलोनी में रहने वाला एक परिवार उस वक्त दहशत में आ गया, जब उनकी ढाई साल की मासूम बच्ची खेलते-खेलते अचानक गायब हो गई। माता-पिता और परिजनों ने बदहवास होकर पूरी कॉलोनी छान मारी, लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चला।

​हर गुजरते पल के साथ परिवार की धड़कनें बढ़ती जा रही थीं। थक-हार कर हताश परिजन शाम करीब 7 बजे थांदला थाने पहुंचे और गुमशुदगी की सूचना दी।

पुलिस ने नहीं गंवाया एक पल भी

मामला एक ढाई साल की अबोध बालिका का था, इसलिए थांदला पुलिस ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सूचना मिलते ही थाने में अपराध पंजीबद्ध किया गया और थाना प्रभारी ने तुरंत एक विशेष टीम गठित कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

​पुलिस की टीम ने रात के अंधेरे और ठंड की परवाह किए बिना इलाके का चप्पा-चप्पा छानना शुरू किया। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से पुलिस टीम भीमकुंड क्षेत्र तक पहुंची।

3 घंटे में मिली कामयाबी, खिले चेहरे

पुलिस की मेहनत रंग लाई और महज 3 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद बच्ची को भीमकुंड क्षेत्र से सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। जैसे ही पुलिस बच्ची को लेकर थाने पहुंची और उसे माता-पिता के सुपुर्द किया, वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया।

​बच्ची को सही सलामत देख माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने हाथ जोड़कर थांदला पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही और संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया। नगरवासियों ने भी पुलिस की इस सक्रियता की सराहना की है।