पेटलावद/झाबुआ।
जिले में वन संपदा की चोरी और अवैध परिवहन के खिलाफ वन विभाग (Forest Department) ने सख्त रवैया अपना लिया है। इसी कड़ी में 7 जनवरी की सुबह पेटलावद वन अमले ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए खैर की बेशकीमती लकड़ी से भरी एक पिकअप को जब्त किया है। अंधेरे का फायदा उठाकर की जा रही इस तस्करी को वन विभाग की टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर नाकाम कर दिया।
तड़के 4 बजे मिली थी सूचना
घटनाक्रम के अनुसार, 7 जनवरी 2026 की सुबह करीब 4:00 बजे वन विभाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि बीट पेटलावद क्षेत्र से खैर लकड़ी का अवैध परिवहन होने वाला है। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी (Ranger) पेटलावद ने तुरंत एक गश्ती दल गठित किया और टीम को मौके के लिए रवाना किया।
घेराबंदी कर रोका वाहन
गश्ती दल ने बावड़ी-पेटलावद पक्का मार्ग पर नाकाबंदी कर चेकिंग शुरू की। सुबह करीब 05:25 बजे बावड़ी की ओर से आ रही एक महेन्द्रा बोलेरो पिकअप को टीम ने रोका। वाहन का नंबर MP45 ZF 3048 है।
जब वनकर्मियों ने वाहन की तलाशी ली, तो उसमें खैर प्रजाति की गीली लकड़ी के कुल 110 नग भरे हुए पाए गए।
धार का है आरोपी, नहीं दिखा पाया दस्तावेज
पूछताछ करने पर वाहन चालक ने अपना नाम आदिल पिता जरीन खान, निवासी अंतराय (पोस्ट खैरोद), तहसील व जिला धार बताया। जब चालक से लकड़ी के परिवहन का परमिट या दस्तावेज माँगा गया, तो वह कोई भी वैध कागज प्रस्तुत नहीं कर सका।
वाहन होगा राजसात, मामला दर्ज
वनमंडलाधिकारी (DFO) झाबुआ अमित वसंत निकम और उपवनमंडलाधिकारी (SDO) एस.एल. यादव के मार्गदर्शन में वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन और लकड़ी को जब्त कर लिया है।

आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 और मध्यप्रदेश अभिवहन (वनोपज) नियम 2022 की धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 2097/02 दर्ज किया गया है। साथ ही वाहन को राजसात (Confiscate) करने की कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।
इस टीम की रही सराहनीय भूमिका
तस्करों को पकड़ने वाली टीम में अम्बाराम डामर, दिनेश कुमार मालीवाड़, बीटगार्ड राजेश डिंडोर, प्रेमसिंह चारेल, राकेश कुमार भाभर, गोपाल सिंह सिसोदिया और ग्राम वन समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।






