MP Khelo Youth: एक्सीलेंस कॉलेज में सजी शतरंज की बाजी, कनिष्का और श्रेयांश रहे अव्वल,

झाबुआ @Newsveer। खेलों के प्रति अगर जुनून हो, तो परीक्षाएं भी बाधा नहीं बन सकतीं। ऐसा ही नजारा आज झाबुआ के शहीद चंद्रशेखर आजाद प्रधानमंत्री एक्सीलेंस महाविद्यालय में देखने को मिला। यहाँ ‘एमपी खेलो यूथ’ (MP Khelo Youth) के तहत आयोजित ब्लॉक स्तरीय शतरंज चयन स्पर्धा में बच्चे परीक्षा हॉल से निकलते ही सीधे शतरंज…

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झाबुआ @Newsveer। खेलों के प्रति अगर जुनून हो, तो परीक्षाएं भी बाधा नहीं बन सकतीं। ऐसा ही नजारा आज झाबुआ के शहीद चंद्रशेखर आजाद प्रधानमंत्री एक्सीलेंस महाविद्यालय में देखने को मिला। यहाँ ‘एमपी खेलो यूथ’ (MP Khelo Youth) के तहत आयोजित ब्लॉक स्तरीय शतरंज चयन स्पर्धा में बच्चे परीक्षा हॉल से निकलते ही सीधे शतरंज हॉल पहुंचे और अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया।

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खेल विभाग ने नियमों में दी ढील

जिला शतरंज संघ के सचिव प्रदीप जैन ने बताया कि खेल विभाग अधिकारी विजय सलाम के निर्देशानुसार यह आयोजन किया गया। चूंकि अभी स्कूलों में परीक्षाओं का दौर चल रहा है, इसलिए कई बच्चे देरी से पहुंचे। बच्चों के इस उत्साह को देखते हुए खेल विभाग ने नियमों में लचीलापन अपनाते हुए उन्हें ऑफलाइन फॉर्म भरकर खेलने की अनुमति दी, ताकि कोई प्रतिभा छूट न जाए।

नेशनल अवार्ड प्राप्त खिलाड़ी ने संभाली निर्णायक की भूमिका

स्पर्धा में मुख्य निर्णायक (Chief Arbiter) की भूमिका कई नेशनल अवार्ड प्राप्त खिलाड़ी नरेंद्र चतुर्वेदी ने निभाई। वहीं, बेहतरीन शतरंज खिलाड़ी गौरव चतुर्वेदी ने सहायक आर्बिटर की जिम्मेदारी संभाली। कार्यक्रम का संचालन शतरंज संघ की संयुक्त सचिव शैलू बाबेल ने किया। आयोजन में चेतन वोरा और संदीप भानपुरिया ने विशेष सहयोग दिया।

विजेताओं की सूची (Results)

शतरंज संघ की जिला अध्यक्ष डॉ. अर्चना राठौर ने बताया कि बालक और बालिका वर्ग में अलग-अलग चयन किया गया। चयनित खिलाड़ी अब 16 जनवरी को खेल परिसर में होने वाली जिला स्तरीय स्पर्धा में भाग लेंगे।

बालिका वर्ग:

  1. प्रथम: कनिष्का भरपोड़ा
  2. द्वितीय: श्वेता चौधरी
  3. तृतीय: भाव्या वाघेला
  4. चतुर्थ: श्रेती चौधरी
  5. पंचम: ऋचा चौधरी

बालक वर्ग:

  1. प्रथम: श्रेयांश राठौर
  2. द्वितीय: दुर्गेश जाटव
  3. तृतीय: सौरभ डामोर
  4. चतुर्थ: दिव्य नीमा
  5. पंचम: शुभ नीमा

सबसे नन्हें खिलाड़ियों का सम्मान

प्रतियोगिता में ग्रंथ बाबेल और सुहर्ष जैन सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे। उनकी खेल भावना और उत्साह को देखते हुए उन्हें सांत्वना पुरस्कार के रूप में छठा और सातवां स्थान दिया गया।

​महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. जे.सी. सिन्हा के मार्गदर्शन में पीटीआई जैमाल डामोर और मारुत नायक ने आयोजन को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग प्रदान किया।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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