
जिले के ग्रामीण अंचलों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने और जल जनित बीमारियों को रोकने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में 8 जनवरी को PHE विभाग के कार्यपालन यंत्री (EE) श्री जितेन्द्र मावी के मार्गदर्शन में रामा विकासखंड के ग्राम छापरी (कालीदेवी पंचायत) में एक विशेष जल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

दूषित पानी से होने वाली बीमारियों के प्रति किया आगाह
विभाग द्वारा यह आयोजन शासकीय प्राथमिक विद्यालय और आंगनवाड़ी भवन में किया गया। यहाँ उपस्थित स्कूली बच्चों, शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को विस्तार से बताया गया कि दूषित पानी पीना स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक हो सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि गंदे पानी के सेवन से टाइफाइड, हैजा और पेट संबंधी बीमारियां होती हैं, जिन्हें थोड़ी सी जागरूकता से रोका जा सकता है।
FTK किट से सिखाया पानी का टेस्ट करना

ईई जितेन्द्र मावी की मंशानुसार ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जल परीक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) दिया गया। टीम ने मौके पर एफटीके (FTK) किट के माध्यम से पानी के स्रोतों की जांच करके दिखाई। ग्रामीणों को सिखाया गया कि वे कैसे खुद अपने हैंडपंप या नल के पानी की गुणवत्ता चेक कर सकते हैं।

शपथ के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में नल-जल योजना के महत्व को समझाते हुए सभी को शुद्ध पानी पीने और जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में जिला सलाहकार धूलिया बामनिया और विकासखंड समन्वयक सुश्री अंकिता पाठक का विशेष योगदान रहा।






