मंदसौर। नशे के कारोबारियों ने तस्करी का एक नया तरीका अपना लिया — और वहीं नया तरीका ही उनकी पनाह बन गया। नारायणगढ़ थाना पुलिस की टीम ने अंतर-जिला तस्करों के खिलाफ छापेमारी में एक ऐसे ट्रैक्टर को रोका, जिसके टायरों में खास तरह की स्कीम बनाकर कुल 150 किलो डोडाचूरा छिपाया गया था। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत ₹3,00,000 बताई जा रही है और इस घटना में दो तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक ट्रैक्टर को रोककर तलाशी ली तो ट्रैक्टर के टायरों के अंदर टेम्पलेट/होल्डर बना कर डोडाचूरा छिपाया गया था — एक ऐसा तरीका जिसे शायद तस्कर सोचे थे कि सामान्य जांच में पकड़ेगा नहीं। लेकिन पुलिस की सतर्कता और मुखबिर की सूचनाशक्ति ने इस ‘छुपे हुए खज़ाने’ का पर्दाफाश कर दिया।

मामले की जांच कर रहे थाना अधिकारी ने बताया कि यह अंतर-जिला नेटवर्क लगता है — आरोपी ट्रैक्टर से नशे को एक जिल से दूसरे जिलों तक पहुंचाने की फिराक में थे। शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि यह स्कीम किसने बनाई और किन-किन रूट्स पर तस्करी होती रही।

पुलिस ने ट्रैक्टर व जप्त वस्तु को अपने कब्जे में लेकर थाने भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों के फोन और यातायात रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि उनके सहयोगियों और सप्लायर तक पहुंचा जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में तस्करों की करतूतों में नई शातिर तकनीकें देखने को मिल रही हैं — टायर, ड्रम, नकली फूड पैकिंग और अन्य तरीकों से पदार्थ छिपाए जा रहे थे।
विशेष रूप से यह मामला इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि ट्रैक्टर ग्रामीण परिवहन का आम साधन है — तस्कर इसी भरोसे का फायदा उठाते हैं। पुलिस का मानना है कि अपराधी ग्रामीण इलाकों में कृषि वाहनों का प्रयोग करके नशा कई जिलों तक फैला रहे थे। मोर्चे पर काम कर रही टीमें अब इन वाहनों की गहन जांच पर जोर दे रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मात्रा और ट्रांसपोर्ट स्कीम देख कर अफसर इस मामले को बड़े नेटवर्क से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध यातायात या संदेहास्पद पैकेज दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें — क्योंकि अक्सर स्थानीय लोगों की सूचना से ही ऐसी बड़ी बरामदगी संभव होती है।
मामले की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए आगे की कार्रवाई में नारायणगढ़ थाना, जिला पुलिस एवं संबंधित CBN टीमें मिलकर आगे की पूछताछ और रैकेट की जड़ तक पहुंचने के प्रयास कर रही हैं। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि यह एक स्थानीय साजिश थी या बड़े पैमाने पर चल रहे तस्करी नेटवर्क की शागिर्दी।





