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लॉ कॉलेज की जमीन पर ग्रामीणों का विरोध, हमारे घर से हमें ना निकालो.

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झाबुआ लॉ कॉलेज के लिए आवंटित जमीन को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों का विरोध सामने आया है । करीब 7 करोड़ 59 लाख की लागत से बनने वाले लॉ कॉलेज के लिए तीसरी बार जमीन चिन्हित की गई । उसको लेकर भी ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया है ।

मंगलवार को देवझिरी पंडा के ग्रामीण कलेक्ट्रेट में अपना विरोध दर्ज करवाने पहुंचे । विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंची थी । महिलाओ का कहना है वे और उनका लंबे समय से वहां रहता आ रहा है , कई लोगों के पीएम आवास भी बने हुए हैं ।

लेकिन अब उनको वहां से हटाया जा रहा है । बारिश के अपने परिवार को लेकर कहां जाए । अपना विरोध दर्ज करवाने बड़ी संख्या ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे । उनके साथ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौजूद थे ।

लॉ कॉलेज के लिए आवंटित जमीन पर पहले से रह रहे लोग ।

ग्रामीणों का ज्ञापन लेने प्रभारी एसडीएम और एडीएम पहुंचे थे , लेकिन ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि वे ज्ञापन कलेक्टर को ही सौंपेंगे और उनसे बात करके अपनी समस्या बताएंगे । कलेक्टर के पहुंचने के बाद भी उन्हें ज्ञापन नहीं सौपा जा सका । अधिकारी समझाते रहे कि वे भी उनकी बात उचित माध्यम से शासन प्रशासन तक पहुंचाएंगे ।

ग्रामीणों की मांग है कि को झाबुआ में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी जमीन मकान छिने जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे । ग्रामीणों का कहना है कि जिले के युवाओं के भविष्य के लिए लॉ कॉलेज बने लेकिन उसके लिए प्रशासन गरीब आदिवासी के मकान और घर ना तोड़े आसपास पड़ी दूसरी जमीन पर इसका निर्माण किया जा सकता है ।

आम आदमी ने पूछा सवाल, पेसा एक्ट के तहत ग्रामसभा से अनुमति ली गई क्या ।

लॉ कॉलेज के लिए आवंंटित जमीन को लेकर आम आदमी पार्टी ने भी ग्रामीणों के साथ आवाज़ उठाई है, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंगार ने पूछा की पेसा एक्ट की बात सरकार करती है क्या ग्राम सभा करके अनुमति ली गई । ली गई हो तो उसकी कार्यवाही के दस्तावेज उपलब्ध करवाएं । अफसरों ने ग्रामीणों को समझाया कि जमीन का आवंटन प्रक्रिया के तहत ही किया गया है । उन्होंने बताया कि लॉ कॉलेज का विरोध नहीं है लेकिन गरीबों को बेघर करना कहां तक उचित है, उन्होंने मांग की या जिनके घर आ रहे हैं उन्हें नया घर बनावा कर दिया या फिर जमीन कहीं और आवंटित की जाए ।

लॉ कॉलेज की जमीन पर ग्रामीणों का विरोध, हमारे घर से हमें ना  निकालो...

झाबुआ लॉ कॉलेज में प्रवेश 2010-11 के बाद से बंद, तीन बार देखी कॉलेज के लिए जमीन ।

झाबुआ लॉ कॉलेज की कक्षाएं पहले झाबुआ के पीजी कॉलेज में ही संचालित होती थी । 2010-11 के बाद से यहां प्रवेश देना बंद कर दिया । 2014 में सारे विद्यार्थी पास आऊट हुए और उसके बाद से कक्षाएं भी संचालित होना बंद हो गई । अलग कॉलेज भवन नहीं होने से लॉ कॉलेज को मान्यता देने से बार काउंसिल ने इनकार कर दिया गया । तीन बार लॉ कॉलेज की लिए जमीन देखी गई ।

साल 2022 में कॉलेज भवन के लिए 7 करोड़ 59 लाख की राशि भी स्वीकृत हो गई । भवन निर्माण के लिए टेंडर भी जारी हो गए । आखिर बार देवझिरी में कॉलेज भवन के लिए जमीन चिन्हित की गई, वहीं पर अब ग्रामीण विरोध कर रहे हैं । जहां जगह चिन्हित की गई है उसके आसपास स्टोन क्रेशर खदानें भी है । वे पहले ग्रामीणों के साथ विरोध कर चुके हैं ।

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