झाबुआ जिले की मतदाता सूची से 45 हजार से ज्यादा नाम हटाए,

चुनाव आयोग के निर्देश पर चल रहे मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2026 (Special Summary Revision) के तहत झाबुआ जिला प्रशासन ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण (Purification) की बड़ी कवायद पूरी की है। सोमवार को कलेक्टर नेहा मीणा की अध्यक्षता में हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि जिले भर…

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चुनाव आयोग के निर्देश पर चल रहे मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2026 (Special Summary Revision) के तहत झाबुआ जिला प्रशासन ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण (Purification) की बड़ी कवायद पूरी की है। सोमवार को कलेक्टर नेहा मीणा की अध्यक्षता में हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि जिले भर में 45,439 ऐसे नाम थे, जो या तो जगह बदल चुके हैं, या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, या फिर जिनके नाम दो जगहों पर दर्ज थे। इन सभी नामों को सूची से हटा (Delete) दिया गया है।

विधानसभा-वार: कहाँ कितने मतदाता हुए कम?

प्रशासन द्वारा जारी डाटा के अनुसार, विलोपन की कार्यवाही का सबसे ज्यादा असर झाबुआ विधानसभा सीट पर पड़ा है, जहाँ करीब 20 हजार नाम हटाए गए हैं।

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नाम हटाने की मुख्य वजहें क्या रहीं?

प्रशासन ने बताया कि नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी जांच-पड़ताल के बाद की गई है। इसके पीछे मुख्य कारण ये रहे:

  • शिफ्टेड (Shifted): 22,051 मतदाता (जो अन्यत्र चले गए)
  • मृत्यु (Death): 14,055 मतदाता
  • दोहरा नामांकन (Already Enrolled): 6,176 मतदाता
  • अनुपस्थित (Absent): 3,067 मतदाता

अब क्या है जिले की तस्वीर?

इतने बड़े पैमाने पर नाम हटने के बाद अब जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 8,61,654 रह गई है।

  • झाबुआ वि.स.: 3,09,674 मतदाता
  • थांदला वि.स.: 2,64,231 मतदाता
  • पेटलावद वि.स.: 2,87,749 मतदाता

मतदान केंद्र: 981 से बढ़कर हुए 1113

प्रशासन ने न सिर्फ नाम हटाए हैं, बल्कि मतदाताओं की सुविधा भी बढ़ाई है। जिले में मतदान केंद्रों (Polling Stations) की संख्या में भारी बढ़ोतरी की गई है।

  • झाबुआ: अब 406 केंद्र (पहले 356 थे)
  • थांदला: अब 338 केंद्र (पहले 304 थे)
  • पेटलावद: अब 369 केंद्र (पहले 321 थे)

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नेहा मीना ने बताया कि 23 दिसम्बर से 22 जनवरी 2026 तक दावे-आपत्ति का दौर चलेगा। उन्होंने राजनीतिक दलों और आम जनता से अपील की है कि वे अपने मतदान केंद्र पर चस्पा ड्राफ्ट रोल को जरूर देखें। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है या किसी अपात्र का नाम जुड़ गया है, तो तुरंत आपत्ति दर्ज कराएं।

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virendra singh rathore
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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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