भोपाल
“समाज और राष्ट्र का विकास तभी संभव है जब महिलाएं सशक्त होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ का सपना भी ‘विमेन लेड डेवलपमेंट’ (महिलाओं के नेतृत्व में विकास) से ही साकार होगा।”
यह विचार मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने गुरुवार को भोपाल में व्यक्त किए। वे आईएचएम (IHM) में आयोजित प्रतिष्ठित कार्यक्रम ‘ऊर्जस्विता-2026’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं।

बाल संरक्षण में मध्य प्रदेश देश में अव्वल
मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के मामले में मध्य प्रदेश ने देश में एक मिसाल कायम की है।

- MP First State: उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने ‘बाल संरक्षण नीति-2020’ लागू की है।
- योजनाएं: विभाग द्वारा पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर और बाल कोविड योजना के माध्यम से अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को निरंतर सहारा दिया जा रहा है।

एनजीओ और समाज की भूमिका अहम
मंत्री ने नशा मुक्ति, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रही समाजसेवी संस्थाओं (NGOs) की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज जब मिलकर काम करते हैं, तो बदलाव की रफ्तार तेज हो जाती है।
25 महिलाओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सम्मान समारोह रहा। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 25 महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने इन विभूतियों से अपील की कि वे अपने ज्ञान और अनुभव का लाभ आम जनता तक पहुँचाएं ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति का भला हो सके।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही सरकार: मंत्री पटेल
कार्यक्रम में पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल भी विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाएँ महिलाओं के कौशल विकास और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में गेम चेंजर साबित हो रही हैं।






