झाबुआ (12 जनवरी 2026)। ‘देशभक्ति-जनसेवा’ का दावा करने वाली मध्य प्रदेश पुलिस की वर्दी पर झाबुआ में एक बदनुमा दाग लगा है। यहां सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले एक पुलिस आरक्षक ने ही सारी हदें पार कर दीं। जहां एक आरक्षक ने अपने ही विभाग के साथी कर्मचारी की 8 साल की मासूम बेटी के साथ घिनौनी हरकत की।

घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। झाबुआ कोतवाली पुलिस ने आरोपी आरक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और छेड़खानी की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
चॉकलेट का लालच देकर कमरे में बुलाया
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी आरक्षक का नाम मंगलेश पाटीदार है, जो डीआरपी लाइन के सरकारी क्वार्टर में रहता है। जिसने 8 वर्षीय बेटी को चॉकलेट देने के बहाने अपने कमरे में बुलाया। आरोप है कि इसके बाद मंगलेश ने अपने कपड़े उतार दिए और बच्ची के साथ ‘बैड टच’ (गलत हरकत) करने लगा।
काफी देर तक जब बच्ची नहीं दिखी, तो परिजन उसे ढूंढते हुए मंगलेश के क्वार्टर तक पहुँच गए, जहां बच्ची भागकर बाहर आई!
परिजनों ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट
घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार और अन्य लोग झाबुआ कोतवाली थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की और आरोपी आरक्षक मंगलेश पाटीदार को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
इस घटना ने सुरक्षित माहौल पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रहवासी महिलाओं ने मांग की है कि ऐसे आरक्षक पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए!
वर्दी पर सवाल
यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोपी ने वर्दी की गरिमा को तार-तार किया है। जिस पुलिस पर आम जनता और बच्चों की सुरक्षा का जिम्मा होता है, अगर वही अपने घर में बच्चों के साथ ऐसी हरकत करेंगे, तो समाज में क्या संदेश जाएगा? फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है।






