जिले के 24 गांवों का थाना क्षेत्र जल्द ही बदला जा सकता है, क्योंकि थानों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शनिवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में, कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता और सांसद गुमानसिंह डामोर की उपस्थिति में इस विषय पर चर्चा की गई। बैठक में जिले के कलेक्टर तन्वी हुड्डा और पुलिस अधीक्षक आगम जैन ने विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दो दिनों के भीतर प्रस्ताव तैयार कर भोपाल भेजा जाएगा, जहां गृह मंत्रालय के पास यह प्रस्ताव अंतिम निर्णय के लिए जाएगा। चूंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं और इस प्रक्रिया में व्यक्तिगत रुचि ले रहे हैं, इसलिए इस प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय की संभावना है।
थाने की दूरी कम होगी
प्रस्तावित थानों के पुनर्सीमांकन के तहत, ऐसे गांवों को उनके निकटतम थानों या चौकियों से जोड़ा जाएगा, जिनकी वर्तमान थाने से दूरी अधिक है। उदाहरण के तौर पर, रायपुरिया थाना क्षेत्र का कुंडली गांव वर्तमान में थाने से 27 किलोमीटर दूर है, जबकि पेटलावद थाने की सारंगी चौकी से यह केवल 9 किलोमीटर दूर है। नए सीमांकन के बाद कुंडली गांव को सारंगी चौकी में शामिल किया जाएगा।
बैठक में जिले की 4 चौकियों को थाना बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। पिटोल, पारा, खवासा, सारंगी चौकी को थाने बनाने की प्रस्ताव दिया गया।। इन क्षेत्रों के लिए पूर्व में भी प्रस्ताव रखे गए थे। इसके अलावा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आए दिन हो रही पत्थरबाजी की घटनाओं को देखते हुए एक नई चौकी की मांग भी उठाई गई है। इसके लिए जल्द ही पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजा जाएगा।
झाबुआ जिले में 4 नए थानों की मांग
बैठक में कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, एसडीओपी सहित कई अधिकारी और बीजेपी जिलाध्यक्ष भानू भूरिया भी उपस्थित थे। थानों की सीमा पुनर्निर्धारण की समीक्षा के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की गई।

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