झाबुआ जिले की पेटलावद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करवड़ में गुरुवार को किसानों ने कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया को आवेदन देकर रासायनिक उर्वरक यूरिया खाद के नगद भुगतान केंद्र को पुनः संचालित करने की मांग की। किसानों का कहना है कि इस केंद्र के बंद होने से आसपास के गांवों के किसानों को समय पर और सस्ते दाम पर खाद उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे उनकी खेती प्रभावित हो रही है।
पेटलावद करवड़ के किसानों ने रखी अपनी समस्याएं
आवेदन देते समय सूरज गामड़, कैलाश कटारा, जितेंद्र सिंह राठौड़, धर्मेंद्र सोलंकी सहित कई किसान उपस्थित थे। किसानों ने बताया कि केंद्र बंद होने के कारण उन्हें खाद के लिए अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र पुनः शुरू किया जाता है, तो क्षेत्र के किसानों को बहुत राहत मिलेगी।

कृषि की रीढ़ हैं किसान
गौरतलब है कि ग्राम करवड़ और आसपास के गांवों में खेती मुख्य आजीविका है। यहां के किसान मुख्य रूप से सोयाबीन, मक्का, और गेहूं जैसी फसलों की खेती करते हैं। यूरिया खाद समय पर और उचित मूल्य पर उपलब्ध होना उनकी उपज और आय को सीधे प्रभावित करता है।
केंद्र पुनः चालू होने की उम्मीद
किसानों को उम्मीद है कि उनकी मांगों को जल्द ही स्वीकार किया जाएगा और केंद्र को पुनः शुरू कर दिया जाएगा। इससे किसानों की समस्याओं का समाधान होगा ।














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